उरई। बेगारी कराने के बाद मजदूरी का तगादा करने पर कारीगर ने अपने एक साथी और पत्नी के साथ लेवर को जानवरों की तरह इस कदर पीटा कि उसके दोनों हाथ टूट गये और शरीर के नाजुक अंग तक गंभीर चोटों के कारण क्षतिग्रस्त हो गये। पुलिस ने इसकी रिपोर्ट तो नामजद आरोपियों के खिलाफ दर्ज कर ली है लेकिन अब इसमें लीपापोती की कोशिशें चल रही हैं। पीड़ित ने पुलिस के उच्चाधिकारियों का ध्यान आकर्षित कराया है। तांकि लेन-देन करके इस मामले को कमजोर न किया जा सके। पुलिस कहीं-कहीं इंसानियत को पूरी तरह तांख में रखने में भी गुरेज नही करती। घटनाक्रम के अनुसार बंबी रोड पटेल नगर मोहल्ला निवासी दुलारे पुत्र स्व. हरपाल से कारीगर रामनरेश कुशवाहा ने डाॅ. भरत के जालौन रोड स्थित नर्सिंग होम पर 15 दिन मजदूरी करवाई लेकिन उसे मेहनताना नही दिया। गत् 18 अगस्त को जब वह मेहनताना मांगने रामनरेश कुशवाहा के घर गया तो उसकी पत्नी और उसके मित्र ज्ञानचंद्र निवासी रगेदा ने दुलारे पर हमला बोल दिया। डंडा व सरिया से ताबड़तोड़ मारते हुए उन्होंने क्रूरता की सारी सीमाएं लांघ दी जिसकी वजह से दुलारे के दोनों हाथ टूट गये और उसे कई जगह घातक चोटें आईं। पुलिस ने इसे लेकर तीनों के खिलाफ 452, 232, 325, 504 और 506 आईपीसी का मुकदमा तो दर्ज कर लिया लेकिन अभी तक किसी आरोपी की गिरफ्तारी नही की है। इसी बीच एक आरोपी ने पुलिस के एक अधिकारी से अपना नाता तलाश लिया। जिसकी वजह से विवेचना अधिकारी ढीले पड़ गये। सुना जा रहा है कि उनके द्वारा उक्त आरोपी को मुकदमे से बाहर करने और केस को तोड़ने-मरोड़ने की कोशिश की जा रही है। जबकि दुलारे की दशा देखकर कोई भी द्रवित हो सकता है। दुलारे ने इसे लेकर मुख्यमंत्री, पुलिस महानिदेशक व अन्य पुलिस उच्चाधिकारियों को प्रर्थना पत्र भेजे हैं। तांकि उसके साथ न्याय हो सके और नातेदारी के फेर में कर्तव्यहीनता का गुनाह कर रहे पुलिस अधिकारी पर कार्रवाई हो।







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