उरई। रोम जल रहा था नीरो बंशी बजा रहा था। यह पुरानी कहावत नये कलेवर में चरितार्थ हो रही है। उरई के माॅडल रेलवे स्टेशन की निजी कैंटीन में लोगों की सेहत से खिलवाड़ जारी है। जिसकी तस्वीरें अकाट्य सबूत के रूप में हमने अपने वीडियो कैमरे में कैद की। कोई भी इन तस्वीरों को देखकर कैंटीन ठेकेदार की करतूत जान सकता है। लेकिन लालच की पटटी बांधे रेलवे के अधिकारियों को यह करतूतें नजर नही आतीं।उरई। रोम जल रहा था नीरो बंशी बजा रहा था। यह पुरानी कहावत नये कलेवर में चरितार्थ हो रही है। उरई के माॅडल रेलवे स्टेशन की निजी कैंटीन में लोगों की सेहत से खिलवाड़ जारी है। जिसकी तस्वीरें अकाट्य सबूत के रूप में हमने अपने वीडियो कैमरे में कैद की। कोई भी इन तस्वीरों को देखकर कैंटीन ठेकेदार की करतूत जान सकता है। लेकिन लालच की पटटी बांधे रेलवे के अधिकारियों को यह करतूतें नजर नही आतीं। यहां उस वीडियो क्लिप पर निगाह डालें जिसमें कैंटीन का रसोइया बिना दस्ताने पहने और मास्क लगाये खाने के आइटम तैयार कर रहा है। सिके हुए आइटम खुले में रखे जा रहे हैं जबकि निर्देश यह है कि इनको जिस बर्तन में रखा जाये उसे ऊपर से ढापना चाहिए। एक और वीडियों क्लिप को तसल्ली से देखें इसमें साफ नजर आ रहा है कि कैंटीन में घरेलू गैस सिलेण्डर इस्तेमाल किया जा रहा है। जब कैंटीन के कर्मचारियों को यह आभास हुआ कि कहीं वीडियो रिकार्डिंग हो रही है तो उन्होंने किस कदर फुर्ती से घरेलू गैस सिलेण्डर हटाया और काॅमर्सियल सिलेण्डर लगा दिया। यह भी इस वीडियो क्लिप में साफ-साफ दिख रहा है। एक और क्लिप देखें जिसमें वैंडर रेल नीर की बजाय दूसरी गैर ब्रांडेड पानी की बोतल और गैर स्वीकृत खाने-पीने के पैकेट यात्रियों को बेचने के लिए अपनी बास्केट में संजाये हैं लेकिन जैसे ही उसने देखा कि इसका वीडियो रिकार्ड हो रहा है तो उसने जल्दी से सारे सामान पर कपड़ा डाल दिया। यह भी दिखाई दे रहा है कि जितने लायसेंसशुदा वैंडर हैं उससे कहीं बहुत ज्यादा वैंडरों से सामान बिकवाया जा रहा है। बीमार या गंदे रहने की वजह से वैंडरों के कारण यात्रियों को बीमार न होना पड़ जाये इसके मददेनजर लायसेंसशुदा वैंडरों के लिए कुछ मानक तय हैं। लेकिन कम मेहनतानें में अनधिकृत वैंडरों से सामान की बिक्री कराई जा रही है जिस पर न स्टेशन प्रबंधक की नजर पड़ती है न काॅमर्शियल डिपार्टमेंट के अधिकारियों की। क्या वीडियो क्लिप से हकीकत उजागर होने के बाद भी रेलवे के अधिकारी किसी तरह की हया शर्म से परे रह पायेगें।

 

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