कोंच-उरई। कम बारिश के कारण चैपट हुई खरीफ की फसलों को लेकर किसान की हालत पतली है और पैदावार में भारी गिरावट दर्ज की गई है। किसानों की इस विकराल समस्या को लेकर भारतीय किसान यूनियन पैरोकारी में उतरा है और संगठन ने सरकार से मांग की है कि बुंदेलखंड को तत्काल सूखाग्रस्त घोषित किया जाये। इस संबंध में यूनियन ने एक ज्ञापन भी एसडीएम सुरेश सोनी को इस आशय से दिया है कि किसानों की बात को शासन तक जरूर पहुंचायें। आज भाकियू की मासिक पंचायत में किसानों से जुड़ी तमाम और भी समस्याओं पर चर्चा हुई और उनके निराकरण की मांग की गई।
बुंदेलखंड इलाके में किसानों की बड़े पैरोकार अराजनैतिक संगठन भारतीय किसान यूनियन की मासिक पंचायत यहां गल्ला मंडी में यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष राजवीर सिंह जादौन के मुख्य आतिथ्य में संपन्न हुई। जादौन ने कहा कि इस साल कम बर्षा के कारण न केवल जालौन जनपद बल्कि समूचे बुंदेलखंड इलाके में खरीफ की फसलें बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड के सभी सातों जिलों में फसलें तबाह होने के कारण किसानों की हालत एक बार फिर बदहाल स्थिति में पहुंच गये हैं। अगर बुंदेलखंड को सूखाग्रस्त घोषित करके सरकार किसानों की मदद नहीं करती है तो एक बार फिर किसानों की आत्महत्याओं का सिलसिला चल निकलेगा। उन्होंने राज्य सरकार से मांग की है कि समूचे बुंदेलखंड को सूखाग्रस्त घोषित किया जाये।
पंचायत में किसानों की अन्य समस्याओं पर भी चर्चा हुई। ग्रामीण इलाकों में चल रहे शराब ठेकों को बंद करने, बिजली व्यवस्था दुरुस्त करने ताकि नलकूप चल सकें और पलेवा हो सके, नहरें फुल गेज से चलाने और माइनरों रजवहों में पानी पहुंचाने, ग्रामीण इलाकों के टूटे फूटे रोडों को सुधरवाने, सभी कृषि बीज भंडारों में उन्नत किस्म के बीजों की उपलब्धता सुनिश्चित कराने आदि को लेकर जिला प्रशासन का ध्यान आकृष्टड्ढ किया गया। इसके इतर यह भी कहा गया कि अन्ना प्रथा पर सरकार द्वारा कोरे आश्वासन दिये जा रहे हैं जबकि धरातल पर कोई काम नहीं हो रहा है। इस दौरान डॉ. केदारनाथ सिमिरिया, ब्रजेश राजपूत, चतुरसिंह कैथी, रामकुमार, राजू गढर, भगवानदास, रामलखन इटा, डॉ. पीडी पचीपुरा, लाल कुंवरपुरा, जयराम, रामसिंह, मानसिंह, प्रमोद, रामस्वरूप, ब्रजराज, सतीशचंद्र, कुंजविहारी, प्रतापसिंह, शालिगराम, रामनरेश, श्यामकरण, रामसिंह सिमिरिया आदि मौजूद रहे।

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