
उरई । कानपुर में भाजपा के नए प्रदेश अध्यक्ष डॉ महेंद्र नाथ पाण्डेय की अध्यक्षता में राज्य कार्यकारिणी की पहली बैठक होने जा रही है जिसे ले कर पार्टी की जिला इकाई हलकान है । 11 और 12 अक्तूबर को 2 दिन चलने वाले भाजपा के राज्य स्तरीय मंथन में पिछले महीनों में कोंच कस्बे में पार्टी का झंडा , लोगो लगी गाड़ी में गौ वंश का मांस बरामद होने के मामले के गड़े मुर्दे उखड़ सकते हैं । यह बैठक ऐसे समय होने जा रही है जबकि प्रदेश में स्थानीय निकाय चुनाव निकट हैं । केंद्र और राज्य दोनों ही सरकारों के ख़िलाफ़ एंटी इंकम्बेंसी फैक्टर हावी हो चुका है । निर्माण ठप्प होने से मजदूर भुखमरी के कगार पर है तो व्यापारियों और किसानों के लिए भी विपत्ति टूटी पड़ी है । जी एस टी और नोटबंदी के मुद्दों पर सरकार की घेराबंदी को जनता का व्यापक समर्थन मिल रहा है जो भाजपा के लिए चिंता की बात है ।
ऐसे में महेंद्र पाण्डेय के लिए सिर मुंडाते ही ओले पड़ने की नौबत आ गई है कि कहीं पहले ही इम्तिहान में उनकी भद न पिट जाये नतीजतन हर संवेदनशील स्थानीय मुद्दे को वे बहुत गंभीरता से संज्ञान में लेने के मूड में हैं । वैसे जालौन जिले के गौवंश मीट बरामद होने के कांड को अपनी समझ से दफन करा दिया गया है । मांस बरामद कराने वाले इंस्पेक्टर का तबादला तत्काल करा दिया गया था और मौके पर गिरफ्तार हुए लोगों पर ही पूरी लादी डाल कर अन्य लोगों का बचाव कर दिया गया था लेकिन इस पैंतरेबाजी से महेंद्र नाथ पाण्डेय शायद ही संतुष्ट हों ।
नए प्रदेश अध्यक्ष को अनुभवी नेता माना जाता है । उन्हे एहसास है कि कानूनी तौर पर कोई बात साबित होना ही पर्याप्त नहीं है नेताओं को ये पब्लिक है सब जानती है, के सिद्धांत के प्रति भी खबरदार होना चाहिये । जिस गांडी में गोवंश का मांस बरामद हुआ था उसके मालिक के साथ भाजपा के जिलाध्यक्ष उदयन पालीवाल सहित कई नेताओं की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हुई थीं जो निकाय चुनाव में भाजपा के लिए जहर साबित हो सकती हैं क्योंकि भाजपा का बेस वोट गो मांस जैसे मामले में बहुत छुईमुई है । महेंद्र नाथ पाण्डेय ने मालूम कर लिया है कि जिस दिन मांस बरामद हुआ केवल उसी दिन नहीं उक्त गाड़ी में काफी समय पहले से भाजपा का झंडा , प्लेट आदि लगी नजर आ रहीं थीं और जिला कार्यकारिणी के एक पदाधिकारी अपने दौरों के लिए उसी जीप का इस्तेमाल करते थे । इस नाते जनमानस में संदेह के निवारण के लिए होना यह चाहिये था कि भाजपा के जिलाध्यक्ष की ओर से उसके ख़िलाफ़ चार सौ बीसी का मुक़दमा लिखाया जाता लेकिन इसमें चूक हुई जिसकी वजह से अगर विरोधियों ने इसे उछाल दिया तो चुनाव में लोगों के बीच यह भ्रांति फैल सकती है कि भाजपा के नेताओं की इसमें संलिप्तता थी । इसका पार्टी कैसे बचाव करेगी प्रदेश अध्यक्ष उदयन पालीवाल से यह पूंछ सकते हैं ।







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