
उरई। नौनिहालों की प्यास की फिक्र में सरकार ने हर पाठशाला में पेयजल साधनों की व्यवस्था की है लेकिन बेसिक शिक्षा विभाग में अधिकारी से ले कर शिक्षक तक बच्चों के प्रति संवेदनशीलता की कसौटी पर अपने को खरा साबित नहीं कर पा रहे हैं ।
महेबा ब्लाक के जतारा गाँव के प्राइमरी स्कूल की दशा का उदाहरण सामने है । स्कूल में लगा हैंडपंप एक सप्ताह से खराब है जिससे बच्चे बेहाल हैं । मिड डे मील खाने के बाद उन्हे प्यास बुझाने के लिए इधर उधर भटकना पड़ता है । दूसरी ओर विभाग को न बच्चों पर तरस आ रहा है , न हैंडपंप जल्द ठीक कराने की ठोस पहल हो रही है ।







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