उरई। प्रशासन की पंगुता के कारण जिले में व्यवस्था चरमराती जा रही है। जिला बेसिक शिक्षाधिकारी की निरंकुशता पर लगाम न लग पाने से बेसिक शिक्षा व्यवस्था हास्यास्पद हो गई है।
इसका उदाहरण रामपुरा ब्लाक के कस्बा पूर्व प्राथमिक विद्यालय में सामने आया। विद्यालय के प्रधानाचार्य मेडिकल अवकास पर हैं। जबकि एक अन्य शिक्षक की डयूटी उड़न दस्ते में लगा दी गई है। ऐसे में स्कूल लावारिस हो गया है। फिर भी इस स्कूल में बच्चों की परीक्षा कराने का दावा राजेश शाही जैसे जिला बेसिक शिक्षाधिकारी के ही बूते की बात है।

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