उरई। समाजवादी पार्टी की मासिक बैठक इकलासपुरा स्थित कार्यालय में शनिवार को जिलाध्यक्ष वीरपाल सिंह यादव की अध्यक्षता में हुई। बदलते राजनैतिक परिवेश में पार्टी में आई रौनक की झलक इसमें देखने को मिली। पार्टी के कार्यकर्ता बेहद उत्साहित थे। नेताओं के भाषण में भी जोशीला लहजा नजर आया।
जिलाध्यक्ष वीरपाल सिंह यादव ने इस अवसर पर कहा कि सपा-बसपा के नजदीक आने के बाद भारतीय जनता पार्टी में भगदड़ मच गई है। दबे-कुचले समाज के सांसद और विधायक विद्रोह का झंडा उठाने के लिए तैयार होने लगे हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के कल तक गुणगान करने वाले लोग भी अब मानने लगे है कि उसका जहाज अगले चुनाव में डूबता दिख रहा है। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से संगठन को मजबूत करने और जनता की पीड़ा से हर स्तर पर जुड़ने की अपील की। तांकि बदले माहौल का पूरा फायदा पार्टी को मिल सके।
पूर्व मंत्री श्रीराम पाल ने इस अवसर पर कहा कि समाजवादी पार्टी शुरू से सामाजिक न्याय के लिए प्रतिबद्ध है। इसमें किसी तरह के भ्रम की गुंजाइश नही है। उसके समर्थक किसी भी ऐसे आंदोलन को नैतिक या सक्रिय समर्थन नही दे सकते जिसमें पीड़ित समुदायों को दिये गये अधिकार समाप्त करने की मांग शामिल हो। भारतीय जनता पार्टी के लोग मक्कार और झूठे हैं वे अनर्गल आंदोलनों में सपा की विचारधारा से जुड़े लोगों के शामिल होने का भ्रम पैदा कर रहे हैं क्योंकि उनकी संख्या इतनी भी नही है कि वे एक वार्ड या गांव के चुनाव का नतीजा भी बदल सकें। इसलिए उन्हें मात्र कपटाचार का सहारा रह गया है।
पूर्व जिलाध्यक्ष और पार्टी के बुजुर्ग नेता इंद्रजीत सिंह यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी मिलकर उत्तर प्रदेश में लोक सभा चुनाव में 1993 के समय से भी बड़ी सफलता का इतिहास रचेगी। लेकिन समाजवादी पार्टी सत्ता में आने के बाद भी जातिगत आधार पर किसी वर्ग के साथ वह दुभाति नही करेगी जो आज भारतीय जनता पार्टी द्वारा की जा रही है। पूर्व जिलाध्यक्ष सोहराब खान ने कहा कि सोशल मीडिया पर दलितों के खिलाफ अशोभनीय गालियों के जरिये विष वमन करके भारतीय जनता पार्टी के समर्थक अपने असभ्य संस्कार स्पष्ट कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि साबित हो गया कि भारतीय जनता पार्टी जंगलियों की पार्टी है। जिसे संस्कृति को महत्व देने वाली भारतीय जनता किसी भी कीमत पर बर्दास्त नही कर सकती।
चै. विष्णुपाल सिंह, सुरेंद्र बजरिया, मधु श्रीवास्तव, शिवेंद्र प्रताप सिंह, चुन्ना हुसैन, जयवीर यादव, शफीकुर्रहमान कश्फी, मिर्जा साबिर वेग, जय शंकर द्विवेदी आदि ने भी विचार प्रकट किये। पूर्व विधायक दयाशंकर वर्मा ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी में दलितों के साथ जैसा व्यवहार हो रहा है उसको देखते हुए जमीर वाला कोई भी दलित नेता और कार्यकर्ता इस पार्टी में शामिल नही रह जायेगा। भानु वर्मा, नत्थू सिंह कुशवाहा, रविंद्र यादव, मो. तारिक, सज्जन भाई, दिनेश यादव, मांडवी निरंजन, सलमान सिददीकी, मीरा राठौर, हाजी असगर अली, पुष्पेंद्र यादव, दीपू यादव, हबीब खान, दीपराज गुर्जर, रेखा परिहार, संजय पटेल संदी, शैलेंद्र श्रीवास आदि भी उपस्थित रहे।







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