कोंच—उरई  । साधनहीन व्यक्ति को जब किसी का संबल मिलता है तो उसे अपना जीवन स्तर सुधारने में देर नहीं लगती है। समूह भी कुछ ऐसा ही कर रहे हैं जिनसे जुड़ कर महिलायें अपनी और अपने परिवार की तरक्की के सोपान तय करते हुये अभावग्रस्त जिंदगी से छुटकारा पा रहीं हैं। विगत दिवस ग्राम फुलैला में ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत जय माता दी महिला ग्राम संगठन की बैठक प्राथमिक पाठशाला में आहूत की गई जिसमें सफल महिलाओं ने अपने अनुभव साझा किये। समूह से जुड़ी विद्यादेवी पत्नी गुलाबसिंह ने कहा कि वह बहुत ही गरीब परिवार से हैं और अभावों की जिंदगी से जूझ रही थी। समूह से जुड़ कर उसने छोटी छोटी बचत करना सीखा और अपने बच्चों को शिक्षा दिलाने की पहल की। तत्पश्चात् समूह से बारह हजार रुपये का ऋण लेकर परचून की छोटी सी दुकान शुरू की। दुकान में इतनी आमदनी हो जाती है कि उसका परिवार तो चल ही रहा है, ऋण चुकाने के लिये भी पैसा बच जाता है। इस तरह आज वह अभावों से निकल कर अच्छे से परिवार की गाड़ी खींच रही है। उसने ग्रामीण महिलाओं से भी समूहों से जुडऩे और खुशहाल जीवन जीने की अपेक्षा की है। इस दौरान शीलादेवी, सलाम मोहम्मद आदि मौजूद रहे।

 

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