
कोंच-उरई । तथागत गौतम बुद्घ की 2581वीं जयंती एवं परिनिर्वाण दिवस पर उनके अनुयायियों ने उनका अर्चन कर उनके संदेशों को आत्मसात् करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सुरेश कुशवाहा ने कहा कि तथागत गौतम बुद्घ ने समूचे विश्व को मानवता का संदेश दिया और एक दूसरे के प्रति दयाभाव, प्रेम, क्षमा और अहिंसा का पाठ पढाया।
नया पटेल नगर स्थित पंचशील कोठी में तथागत गौतम बुद्घ की जयंती और परिनिर्वाण पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया जिसकी अध्यक्षता अवकाश प्राप्त शिक्षक दयाराम कुशवाहा ने की तथा बतौर मुख्य अतिथि सुरेश कुशवाहा एवं बिशिष्टï अतिथि राजकुमार सैनी व उमाचरन कुशवाहा मंचस्थ रहे। अतिथियों ने गौतम बुद्घ के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वल किया और उन्हें पुष्पांजलि समर्पित की। अध्यक्षता कर रहे दयाराम कुशवाहा ने कहा कि भगवान बुद्घ पंचशील सिद्घांतों के हामी थे जिन्होंने सह अस्तित्व के सिद्घांत का प्रतिपादन कर उन्हें सार्वभौमिक रूप से सर्व स्वीकार्य बनाया। आभार व्यक्त करते हुये कार्यक्रम संयोजिका ममतासिंह कुशवाहा ने कहा कि आज के समय में तथागत और भी प्रासंगिक हैं। इस दौरान बादामसिंह कुशवाहा, जागेश्वर कुशवाहा, ओपी कुशवाहा, बाबूलाल मुनीम, जाहरसिंह, दुर्गेश कुशवाहा, रघुवीर, रविकांत, प्रदीप, राहुल, सुमित, श्यामसरन, आलोक, सोनू आदि मौजूद रहे।







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