उरई। सरकार की ढीली पकड़ के कारण लोगों की अत्यावश्यक परेशानियों का निदान भी संभव नही हो पा रहा है। गर्मी में पेयजल व्यवस्था दुरुस्त रखने के लिए सरकार ने एड़ी-चोटी का जोर लगा दिया लेकिन उसके कमजोर इकबाल की वजह से संबंधित महकमों और प्रधानों ने सारी हिदायतें एक कान से सुनकर दूसरे कान से निकाल दीं हैं।
तंत्र की लापरवाही की वजह से ग्रामीण क्षेत्र में पेयजल के लिए मचे हाहाकार के उदाहरण कदम-कदम पर सामने देखने को मिल जाते हैं। कुठौंद विकास खंड के ग्राम नाहिली में हैण्डपंप खराब होने की वजह से 20-25 दिन से लोगों में हाहाकार मचा है। श्रीदेवी पत्नी श्रीकृष्ण, सुमन देवी पत्नी रामशंकर, केशकुमारी पत्नी श्रीप्रकाश, दौलती देवी पत्नी रामाधार, गुडडी देवी पत्नी बृजेश कुमार, शारदा देवी पत्नी जसवंत कुमार आदि जब ठप्प हैण्डपंप सुधरवाने की गुहार लेकर खंड विकास अधिकारी के पास पहुंचे तो बीडीओ का कहना था कि प्रधान सभी हैण्डपंप ठीक कराये जाने की रिपोर्ट दे चुके हैं फिर हाहाकार कैसा।
ग्रामीणों का कहना है कि प्रधान राजेंद्र प्रसाद चैधरी कागजों में काम कराकर अपने कर्तव्य की इतिश्री कर रहे हैं। उन्हें मानवीयता भी नही छू गई अन्यथा पानी के कारण जीवन तक के लिए संकट पैदा हो जाता है इसका एहसास करके वे पसीज गये होते। ग्रामीणों ने उच्चाधिकारियों से जनजीवन को बचाने के लिए अपने स्तर से हस्तक्षेप कर नाहिली में हैण्डपंप दुरुस्त कराने की मांग की है।





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