कालपी-उरई। केंद्र सरकार के मौसम विभाग की लाखों की मशीनरी तथा उपकरण कालपी में जंग खा रहे हैं। लाखों की लागत से स्थापित कराई गई मशीनों की उपयोगिता एक दिन भी साबित नहीं हो सकी है। अगर मशीनें ठीक होती दो मई के तूफान में इतनी बड़ी क्षति नहीं हो सकती थी ।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक पांच साल पहले मुंबई की एक कंपनी के द्वारा कालपी तहसील परिसर में पार्क के वृक्षों को उजाड़ कर मौसम की पूर्व सूचना के लिए आधुनिक मशीनें तथा उपकरण स्थापित कराए गए थे। बिडंबना की बात यह है कि आधुनिक मशीनों तथा उपकरणों को स्थापित करने के बाद कार्यदाई कंपनी के जिम्मेदार मोटा बजट डकार कर गायब हो गए। स्थापना के बाद से आज तक कोई भी कर्मचारी मशीनों तथा उपकरणों को देखने तक नहीं आया। फलस्वरुप मशीनें तथा उपकरण खुले आसमान के नीचे जंग में बर्बाद हो चुके हैं। इस मामले में स्थानीय स्तर के प्रशासनिक अफसरों को इसकी कोई जानकारी नही है।
प्रचंड आंधी तथा ओलावृष्टि के लिए नहीं किया अलर्ट
सफेद हाथी बन कर रह गईं उक्त मशीनों के बेकाम होने के कारण बीते दो मई को कालपी तथा आसपास के क्षेत्रों में तूफानी हवाओ तथा ओलावृष्टि के बारे में मौसम विभाग तथा प्रशासन ने कोई अलर्ट जारी नहीं किया। अगर पहले से ही संभावित मौसम के बारे में अलर्ट जारी कर दिया होता तो क्षेत्र में इतनी बड़ी जनहानि तथा धन हानि नहीं हो पाती।





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