कालपी । प्रदेश सरकार के द्वारा जनता की सुविधाओं के लिए जमीनों के क्रय विक्रय दस्तावेजों तथा पंजीयन के लिए ऑनलाइन व्यवस्था लागू कर दी गई है। लेकिन कालपी के विभागीय कार्यालय में विराजमान निबंधन विभाग के कर्मचारी सरकार की योजना में पलीता लगाने मे जुटे नजर आ रहे हैं तथा शोषणकारी रवैया अपना रहे हैं।
खबर के मुताबिक जमीनों, दुकानों, मकानों तथा प्रापर्टी आदि की क्रय विक्रय हेतु बैनामा तथा दस्तावेजों को तैयार करने के लिए प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार के द्वारा सरलीकरण व्यवस्था के तहत ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन का सिस्टम लागू कर दिया गया है। इसी को मद्देनजर रखकर जनवाणी केंद्रो मे क्रेता तथा विक्रेता ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करवाते है। चूंकि ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराकर क्रेता तथा विक्रेता जब उप निबंधक कार्यालय कालपी में पहुंचते हैं तो पटल पर बैठे हुए लिपिक तथा कर्मचारी तमाम प्रकार की गलतियां निकाल कर मोटी रकम की मांग करते हैं। कमीशन या मेहनताना न देने पर क्रेता- विक्रेता का सरकारी काम करने से इनकार कर देते हैं। एक जनवाणी केंद्र के संचालक ने बताया कि उपनिबंधक कार्यालय में ही एक प्राइवेट व्यक्ति ने सिस्टम स्थापित कर लिया है और कार्यालय में ही बैठकर क्रेता विक्रेता के दस्तावेजों तथा कागजातों को ऑनलाइन करने में उसे लगा दिया गया है। बतलाते हैं कि किसी न किसी बहाने कार्यालय के कर्मचारी मोटा कमीशन वसूल कर लेते हैं। प्रश्न पैदा होता है कि इतने बड़े तथा महत्वपूर्ण कार्यालय मे जहां कीमती दस्तावेज, कागजात तथा रिकॉर्ड रहते हैं बाहरी लोगों को बिना रोक-टोक अंदर आने जाने की व्यवस्था किसने की है। इसको लेकर विभाग के अफसर की भूमिका संदिग्ध प्रकट हो रही है। उपनिबंधक का पद काफी वर्षों से रिक्त चल रहा है। एक जूनियर लिपिक कई वर्षों से कार्यवाहक उपनिबंधक का पद संभाले हुए है। पूर्णकालिक उप निबंधक न होने से कार्यालय की व्यवस्था चरमराई हुई है तथा कमीशनखोरी का बोलबाला है।

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