कालपी-उरई । बीती रात खानकाह मुहम्मदिया दरगाह मे आयोजित आल इडिया नातिया मुशायरे मे देश के नामी गिरामी शायरों ने महफिल मे अपनी अपनी रचनाओं को सुनाया।नातिया मुशायरे को सुन कर श्रोताओं ने नारे तकबीर – अल्लाह हो अकबर के नारों से वातावरण को गुंजायमान कर दिया दिलचस्प बात यह रही कि रात मे कार्यक्रम के दौरान 2 – 3 बार झमाझम बारिश के बाबजूद अकीदत मंदो का हौसला नहीं टूटा तथा महफिल मे डटे रहे।
कार्यक्रम के तहत हजरत मीर सैय्यद मुहम्मद तिरमिजी रहमतुल्लाह अलैह की दरगाह मे 369 वें सालाना उर्स मुहम्मदी के पहली रात मे सज्जादा नशीन सैय्यद गयाशुद्दीन मियां की अध्यक्षता मे आयोजित जलसे मे मुल्क के जाने माने शायरों
शादाब पैकर कलकत्ता जमजम फतेहपुरी इरशाद आरजू उड़ीसा, मुबारक हुसैन झारखंड शकील रहबर चैनपुरी, जीशान मथुरावी, शमीम फैजी झारखंड, अहसान शाकिर आजमगढ़, शम्स तवरेज झारखंड, जाहिद रजा संचालन मौलाना अब्दुल रहूफ ने अपने अपने कलाम प्रस्तुत करके महफिल के माहौल को दीनदारी, ईमानदारी तथा मजहब ए इस्लाम की तरफ रातभर कायम रखा।इस अवसर पर मुफ्ती ए शहर कालपी मौलाना अशफाक अहमद बरकाती महफिल मे अपने सम्बोधन मे हजरत मीर मुहम्मद तिरमिजी एंव हजरत मीर अहमद तिरमिजी, हजरत सैय्यद शाह फजलुल्ला रहमतुल्लाह अलैह, आला हजरत रहमतुल्लाह अलैह वरेलवी के संस्मरणों को सुनाकर उनके बताये हुये रास्ते मे चलने का आव्हान किया।बड़ी मस्जिद के इमाम हाफिज इरशाद, शाहिद नूरी, अलीम भाई, महवूव आलम, मदे खान, तौकीर खान, आबिद खान मेम्वर सहित विभाग कमेटियों के सदस्य इंतजाम मे जुटे रहे।रात भर चले मुशायरे का समापन सुबह 4 बजे हुआ।







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