झलकारी बाई चौराहे का नाम बदलने की चर्चा से भड़का कोरी समाज, आंदोलन की चेतावनी

उरई। कोंच बस स्टैंड स्थित वीरांगना झलकारी बाई चौराहे का नाम बदलने की चर्चाओं को लेकर कोरी समाज में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। इस मुद्दे पर राजेन्द्र नगर स्थित कोरी कुटिया में समाज की एक अहम बैठक आयोजित की गई, जिसमें वक्ताओं ने नाम परिवर्तन के किसी भी प्रयास का पुरजोर विरोध किया।

बैठक की अध्यक्षता अयोध्या प्रसाद वर्मा ने की, जबकि संचालन डॉ. नरेश वर्मा ने किया। बैठक के संयोजक प्रमोद वर्मा एडवोकेट पूर्व डीजीसी ने कहा कि वर्ष 1996 में वीरांगना झलकारी बाई की प्रतिमा स्थापित होने के बाद से यह चौराहा उन्हीं के नाम से जाना जाता है, लेकिन अब राजनीतिक लाभ के लिए इसका नाम बदलने का प्रयास किया जा रहा है।

वक्ताओं ने आरोप लगाया कि पूरे मामले में कुछ जनप्रतिनिधि सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं, जबकि कई जनप्रतिनिधियों की चुप्पी समाज को आहत कर रही है। समाज के लोगों ने कहा कि कोरी समाज ने हमेशा एकजुट होकर जनप्रतिनिधियों का समर्थन किया है, लेकिन अपने महापुरुषों और वीरांगनाओं के सम्मान से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

बैठक में चेतावनी दी गई कि यदि वीरांगना झलकारी बाई के इतिहास और सम्मान को मिटाने की कोशिश बंद नहीं हुई तो कोरी समाज पूरे प्रदेश में व्यापक आंदोलन छेड़ेगा और अपनी ताकत का अहसास कराएगा।

सभा में जिला कोरी समाज के महामंत्री वैजनाथ वर्मा एडवोकेट, उपाध्यक्ष विनोद प्लम्बर, कोषाध्यक्ष राजेश आनंद, पूर्व चेयरमैन मीना वर्मा, सुमन वर्मा, मधु अनुरागी, गोविंद विद्रोही, रमेश चन्द्र वर्मा, प्रेमनारायण, रामशंकर वर्मा एडवोकेट, ई-रिक्शा यूनियन अध्यक्ष रवि वर्मा समेत बड़ी संख्या में समाज के लोग मौजूद रहे।

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