लखनऊ, 12 जून। राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ उत्तर प्रदेश ने शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) लागू होने से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को विधायी एवं नीतिगत संरक्षण दिए जाने की मांग को लेकर आंदोलन का ऐलान किया है। उत्तर प्रदेश प्रेस क्लब, लखनऊ में आयोजित प्रेस वार्ता में संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि टीईटी लागू होने से पहले नियुक्त शिक्षकों पर बाद में निर्धारित पात्रता मानदंड थोपना न्यायसंगत नहीं है।
प्रदेश अध्यक्ष प्रो. संजय मेधावी ने बताया कि 23 अगस्त 2010 को एनसीटीई द्वारा जारी अधिसूचना तथा 29 मई 2026 को आए सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के परिप्रेक्ष्य में यह मुद्दा गंभीर हो गया है। उन्होंने कहा कि अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ 18 जून 2026 को देश के सभी जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन कर जिलाधिकारियों के माध्यम से प्रधानमंत्री और केंद्रीय शिक्षा मंत्री को ज्ञापन भेजेगा।
प्रदेश महामंत्री जोगेंद्र पाल सिंह ने कहा कि संगठन संसद के मानसून सत्र से पूर्व देशभर के लोकसभा और राज्यसभा सांसदों से मिलकर ज्ञापन सौंपेगा तथा संसद में आवश्यक विधायी संशोधन या विशेष प्रावधान कर शिक्षकों को स्थायी राहत देने की मांग करेगा। उनका कहना था कि वर्ष 2010 से पूर्व तथा उत्तर प्रदेश में 27 जुलाई 2011 से पहले नियुक्त शिक्षकों की नियुक्तियां उस समय के नियमों एवं पात्रताओं के अनुरूप पूरी तरह वैध थीं। इसलिए बाद में लागू किए गए मानदंडों को पूर्व प्रभाव से लागू करना उचित नहीं है।
प्राथमिक संवर्ग के प्रदेश अध्यक्ष शिव शंकर सिंह ने कहा कि लाखों शिक्षकों एवं उनके परिवारों का भविष्य अनिश्चितता में डालना शिक्षा व्यवस्था की स्थिरता और शिक्षकों के मनोबल दोनों के लिए नुकसानदेह होगा। उन्होंने कहा कि संसद और केंद्र सरकार आवश्यक हस्तक्षेप कर देश के लाखों शिक्षकों को संरक्षण प्रदान कर सकती है। टीईटी लागू होने से पहले सेवारत शिक्षकों पर टीईटी की अनिवार्यता थोपना नैसर्गिक न्याय तथा सेवा नियमावली की भावना के विपरीत है।
प्राथमिक संवर्ग के प्रदेश महामंत्री प्रदीप कुमार तिवारी ने कहा कि संगठन शिक्षकों के साथ हो रहे अन्याय के खिलाफ व्यापक संघर्ष करेगा। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के पदाधिकारी, सदस्य और समर्थक शिक्षक 18 जून को जिला मुख्यालयों पर आयोजित प्रदर्शन में भाग लेंगे और शिक्षकों के लिए न्यायसंगत व्यवस्था लागू करने की मांग करेंगे।
प्रेस वार्ता में प्रो. संजय मेधावी, जोगेंद्र पाल सिंह, शिव शंकर सिंह, प्रदीप कुमार तिवारी, नीलमणि शुक्ल, डॉ. श्वेता, महेश मिश्रा, अनुराग राठौर तथा आशीष मिश्रा सहित संगठन के अनेक पदाधिकारी उपस्थित रहे।




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