उरई। नियंत्रित मूल्य के आवश्यक सामानों की होम डिलेवरी के सन 2013 के राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एक्ट में किये गये प्रावधान को लागू करने की मांग करते हुए कलेक्ट्रेट में मंगलवार को फेयर प्राइज शाप डीलर एसोसिएशन ने जिलाध्यक्ष जयदेव यादव के नेतृत्व में हंगामी प्रदर्शन किया गया। बाद में प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन उप जिलाधिकारी को भेंट किया।
जयदेव सिंह यादव ने कहा कि उत्तर प्रदेश के उचित दर विक्रेताओं के साथ भेदभाव किया जा रहा है। गोवा व अन्य प्रदेशों में जिस तरह 200 रुपये प्रति कुतंल या 25 हजार रुपये प्रतिमाह की प्रोत्साहन राशि उचित दर विक्रेताओं को दी जाती है। वैसी ही उत्तर प्रदेश में की जाये। उन्होंने उचित दर विके्रताओं की पूर्व की बकाया धनराशि और एमडीएम के भाड़े के भुगतान की भी मांग की।
जयदेव सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत वसूली की व्यवस्था लागू हो चुकी है इसलिए आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3/7 का कोई औचित्य नही रह गया। इसे स्थगित किया जाये तांकि इसका भय दिखाकर उचित दर विक्रेताओं का होने वाला उत्पीड़न बंद किया जा सके। उन्होने कहा कि एसोसिएशन की यह भी मांग है कि उचित दर की दुकानों पर से ग्राम पंचायतों का अधिकार समाप्त कर उन्हें सरकारी नियंत्रण के अधीन किया जाये क्योंकि गांव की राजनीति के लिए प्रधान व जन प्रतिनिधि उचित दर विके्रताओं को साफ-सुथरे ढंग से काम नही करने देते।
जयदेव सिंह ने कहा कि एसोसिएशन ने ज्ञापन के माध्यम से अल्टीमेटम दिया है कि अगर 21 जुलाई तक उनकी मांगों पर फैसला लेकर एसोसिएशन को अवगत न कराया गया तो वे अनिश्चित कालीन हड़ताल पर जाने को बाध्य होगें। ज्ञापन देने वालों में महेंद्र रावत, श्याम करन दुबे, चौ. रामशंकर, संतोष यादव, सुशील शर्मा आदि शामिल थे।





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