लखनऊ। धोबी समाज के मुख्यमंत्री की मांग राजनीति में नया भूचाल पैदा कर सकती है। संत गाडगे समिति के माध्यम से कुछ ही समय में प्रदेश के कोने-कोने में सजातीय संगठन खड़ा करके सुर्खियों में आये राजकुमार कनौजिया ने यह मांग उठाकर सभी दलों में खलबली मचा दी है।
गत दो वर्षों से धोबी समाज की लामबंदी में जुटकर राजकुमार कनौजिया ने सोये हुए सजातियों में अंगड़ाई का संचार कर डाला है। गत दिनों प्रदेश की राजधानी के राना इंटर नेशनल होटल के सभागार में जुटे अपने समाज के लोगों के सामने राजकुमार कनौजिया ने एलान किया कि अभी तक हर समाज के नेता को प्रदेश की सत्ता में शीर्ष पर बैठने का मौका मिल चुका है। जबकि धोबी समाज अभी भी खामोश बैठा हुआ है। उन्होंने कहा कि धोबी समाज की तादाद उत्तर प्रदेश में इस कदर है कि अगर एकजुट होकर यह समाज कोई फैसला सुना दे तो किसी भी दल की तस्वीर बन-बिगड़ सकती है। उन्होनें कहा कि अभी तक हमने दूसरों की पालकियां ढोईं अब हम चाहते हैं कि हमें मौका दिया जाये। इसके लिए सभी दलों को धोबी समाज के नेता को मुख्यमंत्री के रूप में प्रोजेक्ट करना होगा। इसके लिए दबाव बनाया जायेगा। जो दल इससे मुकरेगें उन्हें सबक सिखाया जायेगा।
राजकुमार कनौजिया के तेवरों से मुख्य धारा की पार्टियों के नेताओं में हड़कंप मच गया है। इसी बीच शक्ति प्रदर्शन के लिए राजकुमार कनौजिया ने ताबड़तोड़ अपने कार्यक्रम घोषित कर दिये हैं। 13 अक्टूबर को अंबेडकर महासभा में और 21 अक्टूबर को सहकारिता भवन में वे बड़ा जलसा आयोजित करेगें। 20 दिसम्बर को इस सिलसिले में उन्होंने बड़ी रैली का एलान किया है।

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