उरई । बुद्धवार को अंबेडकर महासभा  स्थानीय इकाई की बैठक बाघौरा मोहल्ला स्थित  संगठन कार्यालय उरई में संपन्न हुई जिसमें मांधौगढ़ क्षेत्र के अटागांव में फूड प्वाइजनिंग से 2 बच्चियों की मौत पर शोक जताया  गया । साथ ही जिले में मिलावटी वस्तुओं की बढ़ती बिक्री के खिलाफ मोर्चा खोलने का एलान किया गया । बैठक संबोधित करते हुए पंकज सहाय ने कहा कि जिले में  खाद्य पदार्थों में जमकर मिलावट हो रही है । जिसमें कहीं न कहीं खाद्य सुरक्षा की अभिहित अधिकारी और क्षेत्रीय इंस्पेक्टरों की मिलावटियों से मिलीभगत अहम कारक है । छापामारी और सैंपल इन के नाम पर लूट खसोट  और घूसखोरी के नए आयाम लिखे जा रहे हैं । तेल, घी , मिठाई जैसी  तमाम आवश्यक चीजों में मिलावट हो रही है । वर्तमान अभिहित अधिकारी जो बड़ी सख़्ती  का दिखावा करती हैं असलियत में सरपरस्ती से  ही मिलावट करने वाले के हौसले बुलंद हैं । जिला महासचिव नरेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि जहां खाद्य सुरक्षा लाइसेंस के नाम पर क्षेत्रीय इस्पेक्टर एवं खाद्य सुरक्षा अधिकारी व्यापारियों को  नितदिन परेशान करते हैं वहीं अगर सुविधा शुल्क दे दिया जाए तो बिना मानकों की जांच के ही लाइसेंस निर्गत कर दिया जाता है । तंबाकू मिश्रित गुटखे को बनाने का कारोबार भी इसी के चलते फल फूल रहा है ।विभाग की काली करतूत जनप्रतिनिधियों से लेकर सभी अधिकारियों को मालूम है लेकिन अपने ऊंचे रसूख से हमेशा खाद्य अधिकारी अपने आप को बचाकर निकल जाती हैं  ।

वरिष्ठ नेता प्रेम नारायण अहिरवार ने कहा  कि दो बच्चियों की मौत की घटना बहुत ही हृदय विदारक है जिसका इसका मुख्य कारण है मिलावटी वस्तुएं, इसलिए अंबेडकर महासभा मांग करती है कि  तत्काल खाद्य सुरक्षा अधिकारी के ऊपर कार्रवाई की जाये अन्यथा की स्थिति मे महासभा आन्दोलन के लिये विवश होगी।

बैठक में प्रमुख रूप से दया कुमार जाटव, अनिल वर्मा,. नरेंद्र सिंह, कल्लन खां आदि लोग मौजूद रहे ।

Leave a comment