कालपी-उरई । मोमिनों के प्रमुख पर्व बारहवफात को धूमधाम से मनाने के लिये व्यापक व्यवस्था की गई है। प्राचीन बड़ी मस्जिद के पेश इमाम हाफिज हाजी मुहम्मद इरशाद अशरफी ने बताया कि इस्लामी साल का यह तीसरा महीना चल रहा है । इस महीने को रबी-उल-नूर के नाम से जाना जाता है। इस मुबारक महीने में बडी खुशियां मनाई जाती है। अल्लाहतआला ने अपने नूर से पैग़म्बरे इस्लाम को 12 रबी – उल -अवल सुबह सादिक के वक़्त शहर मक्का में पैदा फरमाया और आप बीवी आमना की गोद मे तशरीफ लाए।
आप के आने की ख़ुशी में फरिश्तों की नूरानी जमात आप पर दुरूद सलाम पेश कर रहे थे , पूरे आलम में नूर बरस रहा था । अपनी तकरीर के माध्यम से पेश इमाम ने बताया कि नबी – ए – करीम सल्लल्लाहु अलैह वसल्लम को अल्लाह ने इस दुनिया में अपने बन्दों के लिए रहमत बनाकर भेजा है और आप के आने से पहले जो हराम कामो को लोग अच्छा समझकर करते थे । आप के इस दुनिया मे आने के बाद उन सब हराम कामो से लोगों ने तौबा की ।
इमाम हाफिज इरशाद में बताया कि इस साल ये त्योहार 20 – 21 नवंबर को मनाया जायेगा । 20 नवम्बर की रात मे पूरे शहर में रोशनी सजाबटे होगी और सुबह 4 बजे बड़ी मस्ज़िद के गेट से जुलूस शुरू होगा। जुलूस गलियों तथा सड़कों से गुजरता हुआ भोर मे फजर की अजान के वक़्त बड़ी मस्जिद मे वापिस आएगा । फिर फजर की नमाज़ अदा करने के बाद सुबह साढ़े 6 बजे परचम (झंडा) फहराया जाएगा और सामूहिक फातिहा होगी । दोपहर में 3 बजे लंका मीनार के पास मखदूम साहब के आस्ताने से जुलूस-ए-मुहम्मदी बड़ी शानो शौकत से निकाला जाएगा जो पूरे शहर में घूमता हुआ शाम को खानकाह मुहम्मदिया दरगाह मे पहुचेगा। मग़रिब की नमाज़ अदा करने के बाद विशाल झंडा फहराया जाएगा। दरगाह परिसर में आयोजित सामूहिक फातिहा में हजारों की संख्या मे नगर वासी मौजूद रहेंगे। मुफ्ती ए शहर मुफ्ती अशफाक अहमद बरकाती सहित तमाम मौलाना, इमाम, हाफिज आदि उल्लेखनीय ढंग से हिस्सा लेंगे। त्योहार के मद्देनजर रख कोतवाली परिसर में पीस कमेटी की बैठक में त्योहार को लेकर अंतिम रूप दिया गया। जिला बिजली को कटौती से मुक्त करके बिजली की लगातार आपूर्ति दिये जाने, नगरपालिका प्रशासन के द्वारा जुलूस-ए-मुहम्मदी के रास्तों में साफ – सफाई की समुचित व्यवस्था करा दी गई है। कोतवाल सुधाकर मिश्रा ने बताया कि जुलूस में पुलिस बल की तैनाती रहेगी। बैठक मे गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।






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