उरई । पैगंबरे इस्लाम हजरत मोहम्मद साहब की यौमे पैदायश ईद मीलादुन्नवी के मुबारक मौके पर अंजुमन फिदायन रसूल के तत्वावधान में गणेशगंज स्थित कादारी चौराहे से जुलूसे मुहम्मदी निकाला गया ।  तिलावते कुरान के बाद कमेटी के सदर हाफिज फ़ीरोज रहमानी ने झंडी दिखा कर जुलूस को रवाना किया ।

 

जुलूस में शामिल अकीदतमंद सरों पर हरे साफे और टोपियाँ पहने हाथों में इस्लामी परचम लिए नबी का गुणगान करते चले जा रहे थे । वहीं बुजुर्ग घोड़ों पर इस्लामी परचम लहराते हुए जबकि मदरसों के बच्चे रंग बिरंगी पोशाकों में अलग छटा बिखरते हुए चल रहे थे । जुलूस को कमांड करने के लिए रजीउर्रहमान कूं-कूं थे और  इसरार खां, रेहान सिद्दीकी , नबीउद्दीन , राजू मंसूरी , रज़्ज़ाक़ भाई मुस्तैदी से जुलूस को कतारबद्ध करते हुए चल रहे थे ।

जुलूस गणेशगंज से चूड़ीवाली गली, घंटाघर , छुटटन चाट वाले की गली से होते हुए मेन रोड पर पहुँचा जहाँ सभी जुलूस मिल गए । इसके बाद भगत सिंह चौराहा पर धर्म गुरुओं ने तकरीर की । संयोजक मौलाना जमील कादरी ने कहा कि खुदा ने नबी को अंधेरे में भटक रही दुनियाँ को ईमान की रोशनी दिखाने के लिए जमीन पर भेजा । मौलाना शमसुल कमर ने कहा कि इस्लाम ने सारी दुनिया को अमन और मोहब्बत का पैगाम दिया । हाफिज मंजूर ने कहा कि पैगंबर साहब ने इंसानियत के उसूलों को मजबूती दी । संचालन हाफिज अजीज ने किया ।

हाफिज अनवार , मंजूर अहमद , नासिर वकील ,युसूफ अंसारी , मुहम्मद शमसुल रजा, अकील बेग , वासित बेग आदि भी थे ।

हिन्दू भाइयों और सभी राजनीतिक दलों ने जुलूस के स्वागत के लिए स्टाल लगा कर सांप्रदायिक सौहाद्र की मिसाल पेश की ।

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