उरई। जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने कलेक्ट्रेट में तैनात वरिष्ठ लिपिक पलक नायक को निलंबित कर दिया है। सूत्रों के अनुसार यह कार्रवाई राजकीय कर्मचारी रहते हुए कथित रूप से व्यावसायिक गतिविधियों में संलिप्तता तथा अन्य अनियमितताओं के आरोपों के मद्देनजर की गई है।

जानकारी के अनुसार सरकारी सेवा नियमों के तहत किसी राजकीय कर्मचारी को विभागीय अनुमति के बिना निजी व्यवसाय या व्यापारिक गतिविधियों में शामिल होने की अनुमति नहीं होती। आरोप है कि पलक नायक की कुछ गतिविधियां कर्मचारियों के लिए निर्धारित आचरण नियमों के विपरीत पाई गई हैं, जिसके बाद प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है।

इस संबंध में जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय से संपर्क किए जाने पर उन्होंने मामले की विस्तृत जानकारी देने से परहेज किया, लेकिन संकेत दिए कि प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए जांच आगे बढ़ाई जा रही है। प्रशासनिक सूत्रों का मानना है कि जांच में आरोपों की पुष्टि होने पर मामले में और कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।

फिलहाल निलंबन की कार्रवाई के बाद कलेक्ट्रेट कर्मचारियों और प्रशासनिक हलकों में मामले को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है। प्रशासन द्वारा प्रकरण की विस्तृत जांच कराई जा रही है, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।

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