
माधौगढ़-उरई । प्रशासन के सख्त आदेश के बाद भी व्यापरियों पर साप्ताहिक बंदी का कोई असर नहीं होता और श्रम विभाग के नियमों की जमकर धज्जियां उडाते रहते हैं। जिसको लेकर एसडीएम के आदेश पर तहसीलदार ने बाजार में खुली दुकानों पर छापेमारी कर दुकानदारों के विरुद्ध कार्यवाही के लिए एसडीएम को रिपोर्ट प्रेषित कर दी है। जिससे बाजार के दूकानदारों में हड़कंप मचा हुआ है।
साप्ताहिक बंदी के लिए माधौगढ़ का बाजार गुरुवार को तय है लेकिन दुकानदारों की हठधर्मिता के आगे सभी नियम हवा-हवाई हो गए हैं। जिसके चलते दुकानदार बंदी के दिन भी अपनी दुकानों को खोलकर बैठे रहते हैं। पहले भी शिकायतों के आधार पर बाजार के व्यापारियों पर श्रम विभाग के द्वारा कार्यवाही की जा चुकी है। लेकिन कुछ समय बाद व्यापारियों का ढर्रा फिर से वही हो गया है। जिसके बाद एसडीएम मनोज सागर ने कड़ा रुख अपनाते हुए तहसीलदार कर्मवीर सिंह को बाजार में खुली दुकानों पर कार्यवाही का आदेश दिया। जिसके बाद तहसीलदार ने बाजार में छापेमारी कर रामदास वस्त्र भंडार,संदीप वस्त्र भंडार,कनकने आयरन स्टोर,वीरेंद्र शिवहरे किराना स्टोर को नियम विरूद्ध तरीके से बंदी होने के बाद खुला पाया। इन सभी दुकानदारों के खिलाफ कार्यवाही करने की रिपोर्ट एसडीएम को दी गयी है।
पूरे मामले पर तहसीलदार कर्मवीर सिंह ने कहा कि बंदी के दिन दुकान खुली पाईं जाने पर जुर्माने के साथ कड़ी कार्यवाही की जाएगी। आज जो दुकानें खुली थी,उनके विरुद्ध भी कठोर कार्य
पानी पूड़ी बालों की हो जांच
स्वास्थ्य पर बुरा असर डालने बाले पानी पूरी बालों की की जांच होनी चाहिए। इसके लिए प्रशासन ने भी सदर लेखपाल और खाद्य निरीक्षक की संयुक्त टीम बनाकर जांच करने का आदेश भी दिया है। गली-गली पानी पूरी का धंधा करने बाले गंदगी से सामान तो देते ही हैं वल्कि समान में तमाम केमिकल युक्त पदार्थ डालकर स्वादिष्ट बनाने का काम करते हैं। जिसके खाने के बाद लोगों में बीमारी बढ़ने का खतरा बढ़ रहा है। दीवाली के पहले तिलक नगर मुहल्ले में हरिओम प्रजापति पानी पूरी बाले के बतासे खाकर बच्चे उल्टियां करने लगे थे। जिसकी शिकायत खाद्य निरीक्षक और सीएचसी के प्रभारी से की गई थी। लेकिन खाद्य निरीक्षक के रवैये से किसी के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं हो सकी। कुछ दिन पहले ही केमिकल युक्त खाना खाने से अटागांव में पूरे परिवार की हालत बिगड़ गयी थी और दो बच्चों की मौत हो गयी थी। उसके बाद भी प्रशासन और खाद्य विभाग को ऐसे खाद्य पदार्थ बेंचने बालों के खिलाफ जांच या कार्यवाई का समय नहीं है।







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