उरई । अन्ना पशु प्रथा शांति व्यवस्था के लिए भी गंभीर चुनौती बन गई है । प्रशासन और पुलिस ने इसे बेहद गंभीरता से लिया है । पुलिस अधीक्षक डॉ अरविंद चतुर्वेदी ने कहा कि अपने मवेशियों को छुट्टा छोड़ने वाले पशु पालकों के ख़िलाफ़ 107/ 16 की कार्रवाई कर उन्हें पाबंद कराया जायेगा ।
पुलिस अधीक्षक ने शुक्रवार को मीडिया को बताया कि गो वंश के अन्ना पशुओं के कारण जनपद में हादसों और अपराधों में बढ़ोत्तरी हो रही है । इसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता । उन्होने कहा कि वे और जिलाधिकारी सभी तहसीलों में लोगों को इस बाबत अपनी जिम्मेदारियों से अवगत कराने के लिए गोष्ठियां कर चुके हैं । लोगों को मवेशी अन्ना न छोड़ने के लिए प्रेरित करने हेतु ग्राम प्रधानों, पूर्व ग्राम प्रधानों , चौकीदारों , सेवानिवृत शिक्षाविदों का सहयोग प्राप्त करने का तानाबाना बुना गया ।
इसी क्रम में यह जानकारी में आया कि खेतों में लोगों ने ब्लेड वाले तार लगा लिए हैं जिससे गोवंशीय मवेशी खास तौर से घायल हो रहे हैं । एक ओर ऐसे तार हटवाने का प्रयास किया जा रहा है दूसरी ओर इन तारों के सोर्स को ख़त्म करने के तहत ब्लेड वाले तारों की बिक्री प्रतिबंधित की जा रही है । सभी थानाध्यक्षों से कहा गया है कि वे संबंधित विभागों के अपने समकक्षों को साथ ले कर ब्लेड वाले तार बेचने वाले दुकानदारों पर छापेमारी करें ।







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