कोंच। सोमवार से शुरू हुये स्वास्थ्य विभाग के मिजिल्स रूबेला टीकाकरण अभियान की शुरुआत हो गई है और पहले दिन इस अभियान के तहत नौ विद्यालयों के 714 बच्चों को टीका लगाया गया। इस अभियान में नौ से पंद्रह वर्ष तक की आयु के छात्रों को शतप्रतिशत टीकाकरण के लिए चिन्हित किया है। सीएचसी के चिकित्साधिकारी डॉ. आरके शुक्ला ने बताया है कि ये टीका एक साथ दो बीमारियों को खत्म करेगा।

स्वास्थ्य विभाग ने पहली बार मिजिल्स यानी खसरा तथा रूबेला यानी छोटा खसरा जिसे जर्मन खसरा भी कहा जाता है और जिनके वायरस शारीरिक बिसंगतियो को जन्म देते हैं।इन दोनों बीमारियों को समाप्त करने के लिए एक टीका मिजिल्स रूबेला के नाम से लगाया जा रहा है जिसमें नौ माह से लेकर पंद्रह वर्ष तक के बच्चों को लगाया जा रहा है। ये संक्रामक रोग है जो व्यक्ति के खांसने और छींकने से फैलता है। खसरे के आम लक्षणों में तेज बुखार के साथ त्वचा पर लाल दाने, व चकत्ते, खांसी, बहती नाक, और लाल आंखें प्रमुख हैं। रूबेला वायरस के बारे में बताते हुये उन्होने कहा इस वायरस से अंधापन, ग्लुकोमा, मोतियाबिंद, बहरापन, कमजोर दिमाग, जन्मजात दिल की बीमारियां आदि रोग होते हैं। टीकाकरण के लिए नगरीय क्षेत्र के स्कूलों के लिए आठ टीमें बनाईं गईं हैं।

 

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