संपूर्ण समाधान दिवस में कमिश्नर की एंट्री, लापरवाही पर हुई

माधौगढ़। योगी सरकार में निचले पायदान के अधिकारियों और कर्मचारियों की लापरवाही पर उच्चाधिकारी बख्शने के मूड में नजर नहीं आ रहे हैं। यही कारण रहा कि संपूर्ण समाधान दिवस के समाप्त होने के बाद कमिश्नर के अचानक पहुंचने से माहौल में गरमाहट आ गई और आन द स्पाट कार्रवाई होने लगी। शिकायतकर्ताओं के कई महीने के लंबित कार्य एक फोन पर हो गए। इससे यह तो साफ है कि नीचे स्तर पर कामचोरी तो है। शिकायतें तो फरियादियों के द्वारा की जाती हैं लेकिन रजिस्टरों में दर्ज होकर रह जाती हैं। मंडलायुक्त सुभाष चंद्र शर्मा ने सबसे पहले उपस्थिति रजिस्टर देखा जिसमें अनुपस्थित डूडा, मत्स्य, मंडी समिति, भूमि संरक्षण, चिकित्सा, सिंचाई और ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के अधिकारियों के खिलाफ एक दिन का वेतन काटने और स्पष्टीकरण मांगे जाने की कार्रवाई की।शिकायती रजिस्टर में दर्ज रबूदे पुत्र बालादीन निवासी कुरौंती के अतिक्रमण की शिकायत पर मंडलायुक्त ने एक फोन पर हटाने के आदेश दिए। वहीं कमलेशी देवी गोपालपुरा का एक महीने से लंबित मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने का आदेश बीडीओ को दिया। सोहन लाल निवासी हैदलपुरा के बिजली की शिकायत मामले पर भी एसडीओ को तत्काल निस्तारित करने का फरमान सुना दिया। संपूर्ण समाधान दिवस में कुल चवालीस शिकायतें आईं जिनमें छह का मौके पर निस्तारण हुआ। समाधान दिवस में सीडीओ अभय कुमार सिंह,एसडीएम सालिकराम, तहसीलदार प्रेमनारायण प्रजापति सहित सभी आला अधिकारी मौजूद थे।
इनसेट–तहसील के निरीक्षण के दौरान भी की कार्रवाईतहसील के निरीक्षण में मंडलायुक्त का पारा सांतवे आसमान पर था जिसका नतीजा संग्रह अमीन कार्यालय में राजस्व वसूली के लक्ष्य पर सही कार्य न होने पर देवेंद्र द्विवेदी को प्रतिकूल प्रविष्टितहसीलदार को चेतावनी और एडीएम से स्पष्टीकरण मांगने की कार्रवाई कर दी। एसडीएम कोर्ट में स्टेनो मुकदमों के संबंध में सही जानकारी नहीं दे पाई जिस पर भी वह नाराज दिखे। तहसील परिसर की गंदगी पर भी उनका मिजाज गरम रहा। तहसील के निरीक्षण में तहसील भवन की गुणवत्ता पर कार्रवाई के संकेत दिए।

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