रासलीला में दर्शकों ने उठाया कालिया नाग के मान मर्दन का आनंद

 जालौन। शतचंडी महायज्ञ में धार्मिक आयोजनों की श्रृंखला में आयोजित रासलीला में कालिया नाग के मान मर्दन की लीला का मंचन हुआ। लेखराज रास मंडल श्रीधाम वृंदावन की ओर से आयोजित रासलीला में दर्शकों ने भरपूर आनंद उठाया।  चुर्खी रोड स्थित दक्षिणेश्वर हनुमान मंदिर में आयोजित शतचंडी महायज्ञ में रात्रि के समय लेखराज रासमंडल श्रीधाम वृंदावन की ओर से आयोजित रासलीला में जब अत्याचारी कंस को जब पता चला कि उसका काल ब्रज में है तो उसने ब्रज के उन सभी बालकों को मारने की योजना बनाई जिनका जन्म भादों दिन अष्टमी के दिन या आसपास हुआ था तब उसने यमुना जी के एक कोटि कमल फूल की मांग नंद बाबा से की। यमुना जी में जहां असंख्य कमल फूल पाए जाते हैं और उस स्थान पर भयंकर विषधारी कालिया नाग निवास करता है। ये सूचना पाकर पूरे ब्रज में चिंता हो गई कि अब क्या होगा। जब यह बात कान्हा को पता चली तो उन्होंने इसका उपाय सोच कर अपने बाल मित्र मंडली के साथ गेंद खेलने व कालिया का मर्दन कर उसका उद्धार करने के लिए लीला की। खेल खेल में गेंद को यमुना जी के अंदर फेंक दिया और ग्वालों के द्वारा गेंद मांगे जाने पर गेंद लेने के लिए यमुना जी में कूद गए। ये समाचार जब बाबा नंद व माता यशोदा ने सुना तो उनके दु:ख की कोई सीमा नहीं रही। उधर गेंद लेने गए कालिया दह में कान्हा की भेंट कालिया नाग से हुई और भयंकर युद्ध हुआ अंत मे भक्त वत्सल भगवान श्रीकृष्ण ने उस विषधारी कालिया नाग का मान मर्दन कर उद्धार किया। श्रीकृष्ण जी के आदेश से कालिया नाग यमुना जी को छोडक़र दूसरे स्थान पर चला गया और भेंट स्वरूप  श्रीकृष्ण जी को एक कोटि कमल फूल भी दिया। बाबा नंद ने उन फूलों को राजा कंस के पास भिजवा दिया। मां वनखंडी धाम कालपी के महंत जमुनादास के सानिध्य में दिन में आयोजित हो रहे यज्ञ स्थल पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु महिला पुरुष यज्ञ स्थल की परिक्रमा के लिए पहुंचे।

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