कालपी। महाराजा सुहेलदेव जयंती समारोह पर भारत गौरवशाली महान विभूतियों स्वतंत्रता संग्राम के नायकों सभी शहीद स्थलों पर माल्यार्पण कर उन्हें याद किया गया। उपजिलाधिकारी जयेंद्र कुमार एवं अधिशाषी अधिकारी सुशील कुमार दोहरे ने नगर पालिका परिषद के प्रांगण में महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर समारोह की शुरूआत की।शासन द्वारा बसत पंचमी को महाराजा सुहेलदेव जयंती समारोह मनाए जाने का निर्णय लिया गया था। प्रमुख सचिव के निर्गत आदेश में विद्यालयों के छात्र छात्राओं के कार्यक्रम प्रभारी जिला बेसिक शिक्षाधिकारी एवं जिला विद्यालय निरीक्षक होंगे। सभी तहसीलों में उपजिलाधिकारी, विकास खंडों में खंड विकास अधिकारी, नगर पंचायतों नगर पालिकाओं में अधिशाषी अधिकारी कार्यक्रम की मानीटरिंग करेंगे। सभी सांसद विधायक एवं अन्य जनप्रतिनिधियों भाजपा अध्यक्षों द्वारा भी प्रतिभाग किया जाए। बताते चलें कि श्रावस्ती सम्राट वीर सुहेलदेवराजभर का जन्म बसंत पंचमी के दिन सन्1009 ईसवी में हुआ था। इनके पिता का नाम बिहारिमर एवं माता का नाम जयलक्ष्मी था। सुहेलदेव की शिक्षा दिक्षा योग गुरूओं के बीच संपन्न हुई। अपने पिता बिहारिमल एवं राज्य के योग्य युद्ध कौशलविदें की देखरेख में सुहेलदेव राजभर ने युद्ध कौशल घुड़सवारी आदि की शिक्षा ली। सुहेलदेव की बहुमुखी प्रतिभा और युद्ध कौशल और लोकप्रियता को देख कर मात्र अ_ारह वर्ष की आयु में सन् 1027को राजतिलक कर दिया और राजपाठ में सहयोग के लिए राज्य का सेनापति नियुक्त कर दिया गया। महाभारत के बाद ये दूसरा उदाहरण मिलता है जब राष्ट्रवाद नायक सुहेलदेव राजभर ने राष्ट्र की रक्षा के लिए इक्कीस राजाओं एकत्र किया और उनकी फौज का नेतृत्व किया था जिन्होंने ग्यारहवीं शताब्दी की शुरूआत में बहराइच में गजनबी सेनापति सैयद सालार मसूद गाजी को पराजित किया था। इस अवसर उपस्थित प्रमुखजनों में पालिकाध्यक्षा प्रतिनिधि जगजीवन अहिरवार, भाजपा नगर अध्यक्ष अमित पांडेय, सभासदों में दिलीप पाठक, सुरजीत सिंह, मयंक श्रीवास, राजेंद्र साहू, अवधेश तिवारी के अतिरिक्त पालिका के प्रधान लिपिक हरभूषण सिंह चौहान, रमेश यादव आर के अशोक कुमार लिपिक शिशुपाल सिंह यादव लिपिक, सरफराज खान लिपिक, आरआई रामभवन सिंह, कंप्यूटर आपरेटर संदीप गुप्ता, प्रियांशु द्विवेदी, कमल सिंह, इरफान, एजाज अहमद, कल्लू रायकवार आदि मौजूद रहे।








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