उरई,टीम बामसेफ,कांशीराम वेलफेयर सोसाइटी एवं सहयोगी संगठनों के संयुक्त तत्वाधान में संध्याकाल बहुजन नायक,दलित पिछड़ों वंचितों के मसीहा मान्यवर कांशीराम साहब की जयंती के अवसर पर एक सेमिनार का आयोजन मा.कांशीराम कॉलोनी के डॉ अंबेडकर सामुदायिक भवन में आयोजित किया गया। सेमिनार के मुख्य अतिथि के के जाटव, राष्ट्रीय संयोजक पिछड़ा वर्ग विचार मंच,मुख्यवक्ता महेशचंद्रा,अध्यक्ष बहुजन संगठन विशिष्ट अतिथि,महेंद्र कुमार राठौर,योगेंद्र दोहरे रहे।सेमिनार की अध्यक्षता बघेल जी ने की व संचालन सुंदर सिंह शास्त्री जिला संयोजक ने किया।

सेमिनार में वक्ताओं ने मान्यवर कांशी राम जी के जीवन संघर्ष एवं कृतित्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। मुख्य वक्ता महेश चंद्रा ने कहा कि यह शाश्वत है और हमेशा देखा भी गया है कि लोग हमेशा पावरफुल का साथ देते हैं और पावर के साथ जुड़ते हैं। ताकतवर लोग अपनी समस्याओं का खुद समाधान करते हैं वे अपनी समस्याओं के समाधान के लिए दूसरों पर निर्भर नहीं रहते हैं इसलिए साहब कांशीराम जी ने वंचित शूद्र समाज की कई हजार बिखरी हुई जातियों को जोड़कर फोन में भाईचारा पैदा कर बहुजन समाज बनाने का काम किया और उनमें स्वाभिमान जागृत कर अपने अधिकारों के लिए लड़ने के काबिल बनाया उन्होंने वंचित दलित पिछड़े अल्पसंख्यक बहुजन समाज से कहा कि वे सामाजिक राजनीतिक,आर्थिक रूप से मजबूत होना चाहते हैं अपनी समस्याओं का समाधान खुद करना चाहते हैं तो उन्हें सत्ता की मास्टर चाबी खुद अपने हाथों में लेनी होगी जिसके लिए उन्होंने जीवन पर्यंत संघर्ष किया और देश के सबसे बड़े सूबे में सत्ता की चाबी बहु जनों के हाथ में सौंपने का काम भी साहब ने किया। मुख्य अतिथि के के  जाटव ने कहा कि बहुजन नेताओं एवं बहुजन समाज को कांशीराम साहब द्वारा बताए गए मिशन मूवमेंट पर काम काम करना होगा तभी वे मजबूत एवं समृद्धि हो सकेंगे और अपने हक अधिकारों को ले सकेंगे बहुजनों को राजनीति के साथ-साथ रोजगार के नए अवसर तलाशने होंगे व्यापार उद्योग धंधों मेडिकल फिल्म एवं संगीत के क्षेत्र में भी आगे आना होगा।

विशिष्ट अतिथि महेंद्र राठौर,योगेंद्र यादव ,आरएस सत्यार्थी,योगेंद्र दोहरे ने कहा कि साहब कहते थे कि जिस समाज की सामाजिक जड़ें मजबूत नहीं होती वह समाज कभी सत्ता हासिल नहीं कर सकता इसी बात को ध्यान में रखते हुए बहुजन समाज के सभी छोटे-मोटे संगठनों को आपसी मतभेद भुलाकर सामाजिक भाईचारा बढ़ाना होगी एवं कांशीराम साहब के सिस्टम के तहत मिलकर काम करना होगा तभी हम राजनैतिक तौर पर मजबूत हो सकेंगे।

दीपेंद्र गौतम एवं श्याम बिहारी बौद्ध ने गीत के माध्यम से कांशीराम के जीवन चरित्र को व्यक्त किया।

इसके साथ ही होरीलाल आटा चंद्रभान बारा,शीतल कुशवाहा भगवती पांचाल विक्रम पटेल मनोज दिवाकर,प्रमोद वर्मा, पुनीत भारती आदि ने भी अपने विचार रखे देवेंद्र निराला ने सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त किया।

सेमिनार में मुख्य रूप से डॉ गोविंद सुमन कमल दोहरे,अजय प्रकाश श्रीवास किरण कुमार भंते उदयवीर प्रधान रामअवतार बीजापुर राजीव प्रधान जितेंद्र गौतम सुधाकरराव गौतम शीलेंद्र गौतम डॉ महेश अजय रामकुमार राही विजय शास्त्री श्रद्धानंद वर्मा दिनेश साइंटिस्ट भान सिंह ओमरे संतोष देवेश रविंद्र कुमार गोमती देवी साधना सिंह, वीरेंद्र कुमार योगेंद्र तखेले प्रदीप कुमार दोहरे राजेश चौधरी बब्बू राजा सुनील कुमार संत कुमार शिरोमणि शशिकांत प्रभाकर, जितेंद्र बाबू दोहरे,धर्मेंद्र कुमार सिंह प्रवीण वर्मा, कल्लू माधव गुमान सियाराम आदि उपस्थित रहे।

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