उरई। स्वर कोकिला भारत रत्न लता मंगेशकर की उपलब्धियों और उनके जीवन संघर्षों  को विद्यार्थियों ने अपने शब्दों से उतारा। विद्यार्थियों ने लता के तमाम पहलुओं को सामने लाकर बताया कि लता को संगीत के क्षेत्र में नाम कमाने को आखिर कितना संघर्ष करना पड़ा। प्रस्तुतीकरण के आधार पर खुशबू राजपूत को पहला और प्रीती को दूसरा स्थान मिला।

अरविंद माधुरी तिवारी महाविद्यालय में दिवंगत गायिका के जीवन और उपलब्धियों पर प्रतियोगिता सम्पन्न हुई । इसमें कालेज के बीए और बीएससी के विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। एक घंटे की प्रतियोगिता में छात्राओं ने बाजी मार ली। उनका उत्तर लता के जीवनकाल के अनुरूप रहा। छात्रा खुशबू ने लता के जीवन को अपने शब्दों से बखूबी बुना। उन्होंने तकलीफों को सहकर भी भाई- बहनों की परवरिश की। प्रीती के अनुसार लता भारतीय समाज का आदर्श अपने समर्पण और सिद्धांतों के कारण बनीं। रेनुका और खुशबू पाल ने लता के उस जीवन को दर्शाया जब वे पिता के निधन के बाद तमाम चुनौतियों से घिर गईं थीं। रोशनी के अनुसार लता की दृढ़ इच्छाशक्ति ही उन्हें इस मुकाम तक ले गई। उन्होंने हमें सिखाया कि चुनौतियां क्या हैं और इनसे कैसे निपटा जाए ?

प्रतियोगिता के मूल्यांकन के बाद खुशबू राजपूत को पहला, प्रीती को दूसरा और रेनुका साहू को तीसरा स्थान मिला। खुशबू पाल और रोशनी सिंह को सांत्वना पुरस्कार मिला। कालेज के प्राचार्य डॉ. राकेश द्विवेदी ने प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया। उन्होंने कहा कि सफलता अनुशासनबद्ध कार्यशैली और कर्तव्य निरन्तरता मांगती है। प्रयास में ही परिणाम निहित होता है। इस अवसर पर डॉ. अक्षरा , रामू और पिंकी भी उपस्थित थे।

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