उरई। महिलाओं के स्वयं सहायता समूहो को स्कूली बच्चों के मिडडे मील से जोड़ने की महत्वपूर्ण पहल जिला प्रशासन के वरदहस्त में मंगलवार से शुरू हुई जिसमें जिलाधिकारी चांदनी सिंह ने जालौन ब्लॉक के छिरिया सलेमपुर स्थित कम्पोजिट कुछ प्राथमिक विद्यालय में महिलाओं द्वारा बनायी गयी मूंग की दाल की बरी मिडडे मील में उपलब्ध कराने के लिये अनुबन्ध किया।
जिलाधिकारी ने इस दौरान सहयोगी अधिकारियों के संग बच्चो के साथ बैठ कर इस बरी से खाना खाया। उन्होने इस दौरान कहा कि स्कूली नौनिहालो को शुद्व और पौष्टिक भोजन की मिडडे मील में उपलब्धता सुनिश्चित करने की दृष्टिकोण से यह अभिनव प्रयोग है जो कामयाब रहा तो पूरे प्रदेश में इसे आगे बढाया जायेगा। महिलाओं को इससे घर बैठे 6000 महीने तक की आमदनी हो सकेगी।
जिलाधिकारी ने बताया कि राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत सीकरी राजा में गठित महिला संघ जिससे वैसे तो 216 स्वंय सहायता समूह जुडे है। लेकिन आधा दर्जन समूह इनमें से मूंग की बरी बनाने के काम में जुटे हैं। समूहो द्वारा प्रति माह 500 किलोग्राम बरी का निर्माण करने की क्षमता है। जिला बेसिक शिक्षाधिकारी को अधिकार दिया गया है कि आपूर्ति गुणवत्ता पूर्ण न होने पर शासन से निर्देश लेकर वे समूह का अनुबन्ध निरस्त कर सकते है।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी डॉ0 अभय कुमार श्रीवास्तव, परियोजना निर्देशक शिवाकान्त द्विवेदी, डीसी मनरेगा अवधेश दीक्षित बेसिक शिक्षाधिकारी सचिन कुमार और ग्राम प्रधान सोनल तिवारी मौजूद रहे।








Leave a comment