गौसंरक्षण के लिये अब प्रशासन ने श्रद्धालुओं के आगे पसारे हाथ, गायो के प्रति संवेदना का परिचय दे आर्थिक सहयोग में करे योगदान


उरई। गौसंरक्षण की महत्वाकांक्षी योजना के लिये समुचित बजट की व्यवस्था कर पाने में अपने को मजबूर पाकर शासन ने जिला प्रशासन के माध्यम से श्रद्धालु जनता के आगे हाथ पसार दिये है। जिलाधिकारी चांदनी सिंह ने इसे लेकर विकास भवन के राष्ट्रीय आजीविका मिशन के सभागार में बैठक आयोजित की।
उन्होने बताया कि अब गौसंरक्षण समिति के व्यापक दायरे में गठन था फैसला लिया गया है। इस समिति में आर्थिक सहयोग देने की अपील श्रद्धालु जनपद वासियो से की गयी है। जिनसे पूर्व में भी इस प्रयास के लिये आर्थिक सहयोग मिला है। डीएम ने कहां कि इसमें थोड़ा-थोड़ा योगदान भी अर्थवान होगा।
उन्होने कि शहर में घूम रही छुट्टा गायें कैटर कैचर के माध्यम से गौसंरक्षण समिति सुरक्षित और सम्मान जनक तरीके से पकड़कर गौशालाओं में सरक्षित की जायेगीं। उन्होने दावा किया कि जनपद में पर्याप्त गौशालायें बन चुकी है। जहां गायो की सुचारू देखभाल की व्यवस्था की जा रही है।
गौसंरक्षण समिति जनपद में स्थाई रूप से गौवंश के छुट्टा विचरण को रोकने के लिये काम करेगी। उन्होने लोगो से अपील कि वे भी अपने मवेशियों को अन्ना न छोड़ने की जागरूकता दिखायें। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी डॉ0 अभय कुमार श्रीवास्तव, जिला विकास अधिकारी सुभाष चन्द्र त्रिपाठी, जिला पूर्ति अनूप तिवारी सहित सम्बन्धित अधिकारी और संगठनो के पदाधिकारी मौजूद रहे। 

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