जालौन-उरई । डां अभय कुमार मिश्रा द्वारा आयोजित
साप्ताहिक श्रीमद भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के प्रथम दिन कलश यात्रा के साथ ही श्रीमद
भागवत कथा का श्रीगणेश किया गया। कलश यात्रा में भक्ति गीतों की धुनों पर झूम,
झूमकर नाच रहे श्रृद्धालुओं ने प्रमुख
मंदिरों के दर्शन किये तत्पश्चात कथा भ्रमण करते हुए कथा स्थल पहुंचे।
चुर्खी रोड स्थित
कैलाशी देवी श्रवण कुमारी महाविद्यालय में बुधवार से साप्ताहिक श्रीमद भागवत कथा
का शुभारंभ हो गया है। जिसके पहले दिन प्रातः शुभ मुहूर्त की बेला में रावतपुरा
धाम से प्रधारे सरस कथा वाचक आचार्य रमाकांत व्यास जी की उपस्थिति में स्थानीय
द्वारिकाधीश मंदिर से कलश-यात्रा का शुभारंभ हुआ। कलश यात्रा छोटी माता मंदिर,
सब्जी मंडी, झंडा चैराहा से होते हुए कथा स्थल तक पहुंची। इस दौरान
महिलाओं ने पूजन कर पवित्र जल से भरे अपने कलशों को सिर पर रखकर नगर का भ्रमण
किया। कलश यात्रा में सैकड़ों महिला एवं पुरूष भक्तों ने भाग लिया। तो वहीं,
कलश यात्रा के दौरान बैंड बाजों पर बज
रहे भजनों एवं भक्ति-गीतों की धुनों पर श्रृद्धालु झूमते हुए चल रहे थे। कथा स्थल
पर पहुंचने पर कथा वाचक ने श्रोताओं को भागवत कथा का रसपान कराते हुए कथा श्रवण के
महत्व के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि अथर्वेद के एक मंत्र में ईश्वर से
प्रार्थना की गयी है कि ईश्वर तू मुझे मधुर रस से परिपूर्ण कर दे। जिससे हम सबके
प्रिय हो सकें कोई हमसे द्वेष न करे। वहीं एक अन्य मंत्र में प्रार्थना है कि मेरे
जीभ के अग्र भाग में मधुरता हो तथा जीभ के मूल में मधु हो तात्पर्य यह है कि वाणी
का मूल मन से है। जो मन मेें होता है, वही वाणी से निकलता है। जब मन में मधुरता होगी, तब तक वाणी मधुर होगी। उन्होंने कहा कि
मनुष्य सभी कर्म स्वार्थपूर्ति के लिए करता है, अन्य को होने वाली हानि या कष्ट का
विचार नहीं करता है। इसलिए प्रभु से प्रार्थना करते रहना चाहिए कि मेरे चित्त में
मधुरता हो, दूसरों के लिए मधुर
भावनाए हों, हम
सभी से मधुर व्यवहार करें, किसी
भी स्थान पर हमारा गमन एवं आगमन मधुर हो। इसका उददेश्य यह है कि हम जहां जाऐं,
वहां हमारे जाने से सुख, शांति, सद्भाव की वृद्धि हो, इससे आपस में भाईचारा बढ़ता है। इस मौके
पर परीक्षत विमला देव व रामलखन मिश्रा के साथ विधायक विनोद चतुर्वेदी, ब्लाक प्रमुख रामराजा निरंजन, डां अभय कुमार मिश्रा, उमेश चंद्र, नाथूराम, विश्वनाथ, आज्ञाराम, रामप्रताप, शिवनाथ, जयराम दास, अश्विनी कुमार, पवन, अरूण, अजय, अखिलेश, आशू, सौरभ, गोरव, शिवांश, वैभव, अर्नव अवनी, बालाजी गुर्जर, जितेंद्र निरंजन, प्रेम बिहारी दुवेदी, मुकेश स्वर्णकार, शिवानी, पार्थ, काजू महाराज सहित सैंकड़ों की संख्या
में महिला पुरूष भक्तों ने भाग लिया।






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