कुठौंद के प्रभारी निरीक्षक ने तस्करी के स्वर्ग को उजाडा, पलायन कर गये अवैध कारोबारी


कुठौंद-उरई। प्रभारी निरीक्षक अखिलेश दुबे द्वारा थाने की बागडोर सभालने के बाद अवैध खनन और वध के लिये मवेशी लादकर निकलने वाले वाहनो के रास्ते बदल गये हैं। उन्होने सख्ती से रोक लगायी है। उन्हे बहुत लोभ लालच दिया गया और राजनीतिक दबाब भी उन पर जमकर पड़ा लेकिन वे न पसीजे न ही डिगे।
वाया कुठौंद औरेया कानपुर के लिये तस्करी का रास्ता अभी तक अवैध कारोबार करने वालो के लिये स्वर्ग बना हुआ था। इसलिये पुलिस अधीक्षक रवि कुमार ने अखिलेश दुबे को इस हिदायत के साथ कुठौंद थाने की कमान सौपी थी कि वे तस्करी के इस सैफ पैसेज को अवैध कारोबारियों के लिये कठिन बनाकर इस पर जीरो टोलरेन्स की भावना से काम करेगें।
प्रभारी निरीक्षक अखिलेश दुबे ने एसपी की इस मंशा पर खरा साबित करने के लिये उनके निर्देशो का अक्षरशः पालन किया। अवैध कारोबार करने वालो को प्रभावशाली सत्तारूढ़ नेताओं का वरदहस्त प्राप्त था लेकिन अखिलेश दुबे ने अपने तेवरो से ऐसे नेताओं के भी हौसले पस्त कर दिये। अब न तो मिट्टी का खनन करने वाले इस रोड पर नजर आ रहे है और न ही बिना रवन्ना के बालू के ट्रक निकालने वाले। स्लाटर हाउस के लिये मवेशी निकालने वाले भी लापता हो गये है और राशन के चावल को काला बाजारी के लिये ले जाने वाले भी।
इससे निहित स्वार्थाे के पेट में चाहे जितनी मरोड़ हो रही हो लेकिन ईमानदारी और शांति पसन्द जनता में प्रभारी निरीक्षक की वाह-वाही देखी जा रही है। 

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