जल मिशन के प्रशिक्षण में बेरोजगारों से बड़ी ठगी, भनक लगने के बाद अधिकारियों ने लोगों को किया आगाह


उरई। हर घर जल मिशन को कामयाब बनाने के लिए हर गांव में तकनीकी कार्यकर्ता तैयार किये जा रहे हैं जो खराबी की दशा में गांव स्तर पर ही रिपेयरिंग करेंगे। प्रशिक्षण के लिए प्रत्येक ग्राम पंचायत में 13-13 कार्यकर्ताओं का चयन किया जा रहा है। इस बीच कुछ घाघ लोगों ने इसे नमामि गंगा में स्थायी भर्ती का रूप देकर बेरोजगारों से रूपये ऐंठ लिये। खबर मिलने पर जिले के अधिकारियों के कान खड़े हो गये। प्रशासन की ओर से स्पष्ट किया गया है कि नमामि गंगे विभाग का इन कार्यकर्ताओं से कोई संबंध नहीं है न ही विभाग की ओर से इनको किसी प्रकार की भुगतान की व्यवस्था है। जब भी इनसे काम कराया जायेगा ग्राम पेयजल एवं स्वच्छता समिति जो कि प्रत्येक ग्रामीण उपभोक्ता से जलकर वसूल करेगी उसी फंड के द्वारा यह समिति कार्यकर्ता को मेहनताना अदा कर देगी। उधर इसे नमामि गंगा में स्थायी भर्ती बताकर जिन लोगों ने बेरोजगारों से रकम ऐंठी है उन्हें चिहिंत करने में प्रशासन विफल रहा है। उनकी जगह जेल में होनी चाहिए लेकिन लगता है कि प्रशासन की फिलहाल ऐसे लोगों की धर पकड़ में कोई दिलचस्पी नहीं है।
प्रशिक्षण के लिए निजी एजेंसी नामित-
प्रत्येक ग्राम पंचायत में दो-दो फिटर, पम्प आपरेटर, प्लंबर, मोटर मैकेनिक तथा तीन-तीन राज मिस्त्रियों को प्रशिक्षण देने के लिए राज्य पेयजल एवं स्वच्छता मिशन ने जनपद हेतु भोपाल की एक संस्था को ठेका सौंपा है। एजेंसी ग्राम पंचायत विकास अधिकारी और ग्राम प्रधान से संपर्क स्थापित करके स्वयं निर्धारित प्रारूप पर ट्रेडवार अभ्यर्थियों की सूची हासिल करेगी।
नमामि गंगा के कामों से हो रही जल की बर्बादी-
नमामि गंगा के तहत रामपुरा ब्लाक के निवावली जागीर गांव में जिन घरों के बाहर टोंटियां लगाई गई हैं वे घटिया क्वालिटी की हैं जिससे कब की टूट चुकी हैं और उनके लगातार बहने से पानी की भारी बर्बादी हो रही है। कई घरों के बाहर टोटी लगाई ही नहीं गई जिससे पाइप अविरल पानी की मोटी धार बहा रहा है। यह अकेले निनावली जागीर की बात नहीं है सभी गांवों में यहां तक कि शहर में भी यही दशा है जिससे कहने वाले नमामि गंगा के कार्यो में भारी कमीशनखोरी का संदेह प्रकट कर रहे हैं।

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