लखनऊ। राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ उत्तर प्रदेश ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर जनगणना 2027 के तहत मकान सूचीकरण एवं गणना कार्य में लगे बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों को अर्जित अवकाश दिए जाने की मांग की है।

प्रदेश महामंत्री जोगेंद्र पाल सिंह ने बताया कि जनगणना जैसा अनिवार्य राष्ट्रीय कार्य ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान कराया जा रहा है, जिसके चलते शिक्षक अपने निर्धारित अवकाश का लाभ नहीं ले पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग ‘वेकेशन विभाग’ की श्रेणी में आता है और सेवा नियमों व उत्तर प्रदेश फाइनेंशियल हैंडबुक के प्रावधानों के अनुसार यदि किसी शिक्षक को अवकाश अवधि में सरकारी कार्य में लगाया जाता है, तो वह उस अवधि के अनुरूप अर्जित अवकाश का हकदार होता है।

उन्होंने यह भी कहा कि ग्रीष्मावकाश के दौरान जनगणना कार्य में लगे शिक्षकों की सेवा पुस्तिका में अर्जित अवकाश अंकित किया जाना पूरी तरह न्यायसंगत और नियमसम्मत है।

प्रदेश मीडिया प्रभारी बृजेश श्रीवास्तव ने प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से कहा कि यदि संगठन की इस मांग को स्वीकार किया जाता है, तो प्रदेश के बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग के लाखों शिक्षकों को इसका लाभ मिलेगा।

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