जालौन।
जनपद में विभिन्न सामाजिक, श्रमिक एवं जन संगठनों द्वारा एक संयुक्त ज्ञापन प्रशासन को सौंपकर प्रदेश में चल रहे जन आंदोलनों पर की जा रही कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की गई है। ज्ञापन में कहा गया है कि कई जिलों में जन संगठनों, विपक्षी दलों के नेताओं एवं कार्यकर्ताओं को बेवजह गिरफ्तार किया जा रहा है तथा उन पर शांतिभंग जैसे मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं, जो लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है।
ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि शांतिपूर्ण आंदोलनों को दबाने के लिए पुलिस द्वारा अनावश्यक बल प्रयोग किया जा रहा है, जिससे आम जनता में असंतोष बढ़ रहा है। संगठनों ने मांग की है कि इस प्रकार की कार्रवाई पर तत्काल रोक लगाई जाए और गिरफ्तार लोगों को रिहा किया जाए।
इसके साथ ही नोएडा में चल रहे मजदूर आंदोलन का विशेष उल्लेख करते हुए कहा गया है कि श्रमिकों की समस्याओं का समाधान दमन से नहीं बल्कि संवाद से संभव है। ज्ञापन में मांग की गई है कि सरकार तत्काल सभी श्रमिक संगठनों के साथ वार्ता शुरू करे और मजदूरों की जायज मांगों पर गंभीरता से विचार करे।
ज्ञापन में प्रशासन से अपेक्षा जताई गई है कि वह इन मुद्दों पर गंभीरता से संज्ञान लेकर उचित दिशा-निर्देश जारी करेगा, ताकि लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा हो सके और श्रमिकों के अधिकार सुरक्षित रह सकें।
ज्ञापन पर विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों एवं प्रतिनिधियों के हस्ताक्षर अंकित हैं, जिनमें सीपीआई (एम) से जुड़े पदाधिकारी, श्रमिक संगठन प्रतिनिधि तथा अन्य सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ता शामिल हैं। हस्ताक्षरकर्ताओं में जिला स्तर के पदाधिकारी एवं विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि सम्मिलित बताए गए हैं।







Leave a comment