उरई/कोंच। जनपद के कोंच स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में अनुरागिनी संस्था द्वारा जिला प्रशासन के सहयोग से “बाल विवाह प्रतिबंध जागरूकता गोष्ठी” का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की सदस्य अनीता गुप्ता मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्था के अध्यक्ष डॉ. प्रवीण सिंह जादौन ने की।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के पूजन एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इसके बाद अतिथियों का माल्यार्पण कर स्वागत किया गया। इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष प्रदीप गुप्ता, उपजिलाधिकारी कोंच ज्योति सिंह तथा जिला सहकारी उपभोक्ता भंडार के अध्यक्ष उपेन्द्र सिंह राजावत विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे।
विद्यालय की छात्राओं ने सरस्वती वंदना, स्वागत गीत और नाटक के माध्यम से बाल विवाह के दुष्परिणामों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। छात्राओं की प्रस्तुतियों में यह संदेश प्रमुख रहा कि बाल विवाह बालिकाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य और आत्मनिर्भरता के मार्ग में सबसे बड़ी बाधा है।
मुख्य अतिथि अनीता गुप्ता ने कहा कि बाल विवाह केवल सामाजिक कुरीति ही नहीं, बल्कि यह बालिकाओं के अधिकारों पर सीधा प्रहार है। उन्होंने समाज से इस कुप्रथा के खिलाफ एकजुट होकर आवाज उठाने का आह्वान किया।
उपजिलाधिकारी ज्योति सिंह ने कहा कि प्रशासन की प्राथमिकता है कि कोई भी बालिका अपने अधिकारों से वंचित न रहे और इसके लिए जागरूकता सबसे प्रभावी उपाय है।
अध्यक्षीय संबोधन में डॉ. प्रवीण सिंह जादौन ने कहा कि “जब एक बालिका शिक्षित होती है तो पूरा समाज सशक्त होता है।” उन्होंने संस्था द्वारा महिला सशक्तिकरण और बाल संरक्षण के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों पर भी प्रकाश डाला।
नगर पालिका अध्यक्ष प्रदीप गुप्ता ने कहा कि बेटियों की शिक्षा और सुरक्षा समाज की प्रगति का आधार है, इसलिए बाल विवाह रोकना हम सभी की जिम्मेदारी है।
कार्यक्रम में भूमि विकास बैंक के अध्यक्ष अमित उपाध्याय, भाजपा नगर अध्यक्ष अंजू अग्रवाल, महिला थाना प्रभारी उमा सैनी, प्रधानाचार्य प्रेम नारायण वर्मा सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
अंत में वार्डन वंदना वर्मा ने सभी का आभार व्यक्त किया, जबकि संचालन रंगकर्मी संजय सिंघाल ने किया। कार्यक्रम के समापन पर छात्राओं और उपस्थित लोगों ने बाल विवाह मुक्त समाज के निर्माण का संकल्प लिया।








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