अंबेडकर माह के समापन पर दलित संगठनों ने सौंपा ज्ञापन, मूर्तियों के सुंदरीकरण की उठाई मांग


उरई। पूरे अप्रैल माह को “डॉ. अंबेडकर माह” के रूप में मनाने वाले सामाजिक संगठनों बुंदेलखंड दलित अधिकार मंच एवं दलित सम्मान व न्याय केंद्र की टीम ने बुधवार को जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा।

14 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि जिले के 135 से अधिक गांवों में डॉ. अंबेडकर जयंती, दलित सम्मान एवं न्याय सभाओं का आयोजन कर लोगों को शिक्षित, संगठित और जागरूक करने का कार्य किया गया। इसके साथ ही अंबेडकर जयंती पर पूरे जिले में सम्मान यात्राएं भी निकाली गईं।

टीम में शामिल तहसील कोऑर्डिनेटर प्रदीप कुमार, सनेश राजा, उषा देवी, सचिन चौधरी, अनीता, सुरेंद्र सहित अन्य पदाधिकारियों ने ज्ञापन के माध्यम से बताया कि विभिन्न गांवों में आयोजित सभाओं के दौरान समुदाय से जुड़ी कई समस्याएं सामने आईं। इनमें सरकारी योजनाओं तक वंचित तबकों की पहुंच न होना, डॉ. अंबेडकर प्रतिमाओं के आसपास गंदगी, खराब रास्ते और नालियों की समस्याएं प्रमुख रहीं।

संगठनों ने जिले के विभिन्न गांवों में स्थापित डॉ. अंबेडकर प्रतिमाओं का सर्वेक्षण भी किया। सर्वे में 134 ऐसे गांव चिह्नित किए गए जहां प्रतिमाएं स्थापित हैं, लेकिन उनके सुंदरीकरण, छतरी, बाउंड्रीवाल और अन्य व्यवस्थाओं की आवश्यकता है। कुछ स्थानों पर प्रतिमाओं की स्थापना को लेकर विवाद तथा ग्राम समाज की जमीन पर कब्जे की शिकायतें भी सामने आईं।

ज्ञापन में प्रदेश सरकार द्वारा 7 अप्रैल 2026 को घोषित “डॉ. अंबेडकर मूर्ति विकास योजना” का स्वागत करते हुए मांग की गई कि जनपद जालौन के चिन्हित गांवों में शीघ्र सुंदरीकरण कार्य कराया जाए। साथ ही प्रतिमाओं के पास सीसीटीवी कैमरे और हरियाली की व्यवस्था करने तथा नए स्थानों पर प्रतिमा स्थापना के लिए प्रशासनिक अनुमति सरल बनाने की मांग उठाई गई।

हाईकोर्ट अधिवक्ता कुलदीप कुमार बौद्ध ने कहा कि बाबा साहब के सिद्धांतों पर चलकर ही उनके विचारों का वास्तविक सम्मान किया जा सकता है। इसके लिए समाज के बीच लगातार जागरूकता अभियान चलाने की आवश्यकता है।

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