उरई। जालौन में भ्रष्टाचार और सरकारी योजनाओं में धांधली करने वालों के खिलाफ जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने बड़ा एक्शन लिया है। भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस नीति अपनाते हुए विकास खंड डकोर की ग्राम पंचायत अटरिया के प्रधान दीपू खटीक को पद से बर्खास्त कर दिया गया है। वहीं विकास खंड रामपुरा की ग्राम पंचायत जगम्मनपुर के प्रधान पर प्रधानमंत्री आवास योजना में रिश्वत लेने के आरोप में वित्तीय अधिकार सीज करने की कार्रवाई शुरू करते हुए कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

जिलाधिकारी ने साफ संदेश दिया है कि गरीबों के हक पर डाका डालने वाले और योजनाओं में भ्रष्टाचार करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।

प्रशासनिक जांच में ग्राम पंचायत अटरिया के प्रधान दीपू खटीक पर गंभीर अनियमितताएं और पंचायत राज अधिनियम के प्रावधानों के उल्लंघन के आरोप सिद्ध पाए गए। इसके बाद उत्तर प्रदेश पंचायत राज अधिनियम 1947 की धारा 95(1)(छ) के तहत कार्रवाई करते हुए उन्हें प्रधान पद से हटा दिया गया।

उधर जगम्मनपुर ग्राम पंचायत में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत एक कुष्ठ रोगी लाभार्थी से आवास स्वीकृति और किस्त जारी कराने के नाम पर 25 हजार रुपये रिश्वत लेने का मामला वायरल ऑडियो और वीडियो के जरिए सामने आया। मामला उजागर होते ही प्रशासन हरकत में आया और जिला पंचायत राज अधिकारी की ओर से संबंधित प्रधान को नोटिस जारी कर 20 दिन के भीतर जवाब मांगा गया है।

नोटिस में कहा गया है कि गरीबों के लिए संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं में अवैध वसूली करना न केवल भ्रष्टाचार है बल्कि प्रधान पद की गरिमा और जिम्मेदारियों का खुला उल्लंघन भी है। संतोषजनक जवाब न मिलने पर पंचायत राज अधिनियम के तहत कठोर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने कहा कि शासन की योजनाओं में पारदर्शिता सर्वोच्च प्राथमिकता है और पात्र लाभार्थियों के अधिकारों से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

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