लखनऊ, 21 जून। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर इंस्टीट्यूट ऑफ को-ऑपरेटिव एंड कॉर्पोरेट मैनेजमेंट, रिसर्च एंड ट्रेनिंग (आईसीसीएमआरटी), इंदिरा नगर, लखनऊ एवं अनुरागिनी संस्था के संयुक्त तत्वावधान में संस्थान परिसर में योग कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न सामाजिक, शैक्षणिक एवं सहकारी संगठनों से जुड़े पदाधिकारियों, अधिकारियों और कर्मचारियों ने भाग लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ सामूहिक योगाभ्यास एवं प्राणायाम के साथ हुआ। योग प्रशिक्षक लोकेश पाण्डेय ने प्रतिभागियों को विभिन्न योगासन, प्राणायाम एवं ध्यान की विधियों का अभ्यास कराया तथा योग के शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक लाभों की जानकारी दी। इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने नियमित योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए आईसीसीएमआरटी के प्रोफेसर डॉ. राम कोमल प्रजापति ने कहा कि योग भारत की प्राचीन और अमूल्य धरोहर है, जिसे आज पूरी दुनिया ने अपनाया है। उन्होंने कहा कि नियमित योगाभ्यास से शारीरिक स्वास्थ्य बेहतर होने के साथ मानसिक तनाव भी कम होता है और व्यक्ति में सकारात्मकता तथा एकाग्रता का विकास होता है।
अनुरागिनी संस्था के अध्यक्ष डॉ. प्रवीण सिंह जादौन ने कहा कि वर्तमान समय में बढ़ती जीवनशैली संबंधी बीमारियों और मानसिक तनाव के बीच योग एक प्रभावी समाधान के रूप में उभरा है। योग व्यक्ति को शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक रूप से सशक्त बनाता है तथा समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है। उन्होंने बताया कि अनुरागिनी संस्था पिछले तीन दशकों से विभिन्न सामाजिक एवं जनकल्याणकारी गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभा रही है।
कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश सहकारी संघ (पीसीएफ) के उपसभापति रामाशंकर जायसवाल, यूपीसीएलडीएफ के निदेशक हीरेंद्र कुमार मिश्रा, भारतीय जनता पार्टी एनजीओ प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक संदीप शाही, संस्कार भारती अवध प्रांत के मंत्री धर्मेंद्र सिंह, सहकारी भारती लखनऊ के अध्यक्ष पीयूष मिश्रा, पूर्व जिलाध्यक्ष सर्वेश कुमार यादव, बृजेश कुमार त्रिपाठी, शिवपाल सिंह सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के समापन पर प्रतिभागियों को नियमित योगाभ्यास करने तथा परिवार और समाज में योग के प्रति जागरूकता फैलाने का संदेश दिया गया। “योग करें, निरोग रहें” के संदेश और शांति मंत्र के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।








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