कम वसूली वाले विभागों को कार्ययोजना बनाकर तेजी लाने के निर्देश

उरई। जिलाधिकारी समीर ने कलेक्ट्रेट सभागार में कर-करेत्तर एवं राजस्व कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्धारित लक्ष्य के अनुसार राजस्व वसूली सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वसूली में किसी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। लक्ष्य के सापेक्ष कम वसूली वाले विभागों की प्रगति पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारियों को कार्ययोजना बनाकर तत्काल वसूली बढ़ाने को कहा।

समीक्षा में राज्यकर, स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन, परिवहन, आबकारी तथा खनिज विभाग की क्रमिक लक्ष्य के सापेक्ष वसूली कम पाई गई। मंडी समितियों और नगर पालिकाओं में भी अपेक्षित राजस्व वसूली नहीं होने पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को प्रवर्तन कार्रवाई करते हुए निर्धारित लक्ष्य पूरा करने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने कहा कि राजस्व वसूली केवल कागजी प्रगति तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि मौके पर कार्रवाई दिखाई देनी चाहिए। उन्होंने 10 बड़े बकायेदारों की सूची तैयार करने और सभी लंबित आरसी को पोर्टल पर अनिवार्य रूप से अपलोड कराने के निर्देश दिए। उप जिलाधिकारी, तहसीलदार, नायब तहसीलदार और अमीनों की संयुक्त टीम सप्ताह में कम से कम दो दिन विशेष अभियान चलाकर आरसी की वसूली करेगी।

उन्होंने अधिकारियों को वसूली के लिए कार्ययोजना तैयार करने, प्रवर्तन कार्रवाई में तेजी लाने और नियमित समीक्षा के माध्यम से प्रगति सुनिश्चित करने को कहा। मंडी समितियों के सभापति के रूप में उप जिलाधिकारियों को मंडियों की नियमित समीक्षा कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने उप जिलाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में सरकारी कार्यालयों का निरीक्षण कर आख्या उपलब्ध कराने को कहा। नगर पालिका क्षेत्रों में नो-बिल्डिंग जोन चिन्हित करने तथा सरकारी भूमि पर सूचना बोर्ड लगवाने के निर्देश भी दिए।

उन्होंने सभी अधिकारियों को अपने तैनाती स्थल पर निवास करते हुए शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप कार्य करने को कहा।

बैठक में अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व राजीव राज, अपर जिलाधिकारी नमामि गंगे प्रेमचंद मौर्य, अपर जिलाधिकारी न्यायिक, नगर मजिस्ट्रेट सुनील कुमार, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट/उप जिलाधिकारी रिन्कू सिंह राही सहित सभी उप जिलाधिकारी और संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

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