उरई।गांधी जयंती पर नेपाल के जनकपुर से शुरू हुई सुप्रसिद्ध पर्यावरणविद् पद्मश्री डॉ. अनिल प्रकाश जोशी के नेतृत्व में निकली ‘प्रकृति पथ साइकिल यात्रा’ का जनपद जालौन में भव्य स्वागत हुआ। यात्रा के जिला मुख्यालय उरई पहुंचने पर रहिया स्थित अमृत सरोवर तालाब पर परमार्थ समाज सेवी संस्थान के निदेशक अनिल सिंह के नेतृत्व में यात्रा दल का अभिनंदन किया गया।

स्वागत समारोह में परमार्थ संस्थान के निदेशक अनिल सिंह ने डॉ. जोशी के पर्यावरण संरक्षण में योगदानों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि हिमालय पर्यावरण संरक्षण संगठन (HESCO) के संस्थापक डॉ. जोशी ने संसाधन आधारित ग्रामीण विकास की अवधारणा दी है। महिला प्रौद्योगिकी, पर्वतीय पारिस्थितिकी के लिए तकनीकी हस्तक्षेप, इकोलॉजिकल फूड मिशन, पानी की चक्कियों का पुनरुद्धार, हर्बल कीटनाशक और वर्षा जल संचयन जैसी तकनीकों के जरिए उन्होंने पर्यावरण संरक्षण को जन-आंदोलन बनाया है।

पर्यावरणविद् रामकृष्ण शुक्ला ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि जल, जंगल और जमीन की रक्षा करना हर नागरिक की जिम्मेदारी है।

तालाब किनारे पहली बार हुआ ऐसा स्वागत – डॉ. जोशी

सभा को संबोधित करते हुए पद्म भूषण डॉ. अनिल प्रकाश जोशी ने कहा कि करीब एक माह की इस यात्रा में यह पहला अवसर है जब किसी तालाब और उसके सुंदर परिवेश में उनका स्वागत किया गया है। उन्होंने उरई की जल सहेलियों द्वारा जल संरक्षण के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की विशेष सराहना की।

डॉ. जोशी ने कहा कि आज प्रकृति के साथ हो रही छेड़छाड़ बेहद चिंताजनक है। हमें प्रकृति से संघर्ष नहीं, बल्कि सामंजस्य बनाकर जीना सीखना होगा। उन्होंने अमृत सरोवर तालाब के संरक्षण और नियमित देखभाल की अपील करते हुए कहा कि इस जल संरचना को समुदाय की भागीदारी से ही निर्मल और अविरल बनाए रखा जा सकता है।

इस अवसर पर उपस्थित समुदाय और जल सहेलियों ने तालाब के संरक्षण और नियमित सामूहिक सफाई का संकल्प लिया। कार्यक्रम के उपरांत प्रकृति पथ साइकिल यात्रा अपने अगले पड़ाव के लिए रवाना हो गई।

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