0 जनपदीय लोक अदालत में नया रिकार्ड
उरई। राष्ट्रीय लोक अदालत के तहत जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में जनपद न्यायाधीश सतीश चंद्र शर्मा की अध्यक्षता में हुए आयोजन में 34 हजार 296 मामले निस्तारित किये गये और 1 लाख 74 हजार 695 रुपये अर्थदंड वसूल कर जमा कराया गया। प्रतिकर दावे के एक मामले में 50 लाख रुपये के क्षतिपूर्ति एक पीड़ित को दिलाई गई। जो कि जनपद में रिकार्ड है।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के प्रभारी सचिव और सीजेएम पीयूष तिवारी ने बताया कि वाहन दुर्घटना के 12 मामलों में 78 लाख 45 हजार रुपये की क्षतिपूर्ति पीड़ितों को इस लोक अदालत में दिलाई गई है। उन्होंने बताया कि जनपद की विभिन्न बैंकों के कुल 5 हजार 51 बकाया ऋण के मामले लोक अदालत में दर्ज किये गये थे। जिनमें से 539 मामलों का इस फोरम पर सुलह समझौते से निस्तारण हो गया। 2 करोड़ 49 लाख 42 हजार रुपये की कुल आदायगी मे से 45 लाख 59 हजार रुपया टोकन मनी के रूप में बकायेदारों से तत्काल बैंकों के पक्ष में जमा करा लिया गया। बीएसएनएल के 290 सूचिबद्ध मामलों में से 20 बकाया बिलों के प्रकरण निस्तारित करा दिये गये।
प्रभारी सचिव श्री तिवारी ने बताया कि जिला जज सतीश चंद्र शर्मा ने 54, प्रधान न्यायाधीश कुटुंब न्यायालय रामअचल यादव ने 88, द्वितीय अपर जिला जज नंदलाल ने 9, अपर जिला जज तृतीय मनोज कुमार शुक्ला ने 3, अपर जिला जज विवेकानंद त्रिपाठी ने 7, विशेष न्यायाधीश श्रीनाथ सिंह ने 10, विशेष न्यायाधीश संजय कुमार सिंह ने 102 और अनिल कुमार उपाध्याय ने 18 मुकदमों का निस्तारण किया। सीजेएम पीयूष तिवारी ने स्वयं 704 मुकदमों का पटाक्षेप इस आयोजन में करा दिया। सिविल जज जूनियर डिवीजन विवेक विक्रम ने 144, विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट जगमोहन सिंह ने 256 प्रकरण निपटाये। कोंच, कालपी और जालौन के न्यायिक अधिकारियों ने 559 मुकदमों का निस्तारण कराया।
इस अवसर पर सभी बैंकों के वरिष्ठ अधिकारी, एलडीएम, बीमा कंपनियों के मंडलीय प्रबंधक और वरिष्ठ अधिवक्तागण उपस्थित रहे।






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