रामपुर/नई दिल्ली, 25 जुलाई। राष्ट्रीय अंसारी एकता संगठन (रजि.) ने रामपुर स्थित मौलाना मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय पर प्रस्तावित ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए सरकार और प्रशासन से इसे तत्काल रोकने तथा छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए कानूनी समाधान निकालने की मांग की है।

संगठन के युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष नौशाद अंसारी द्वारा जारी प्रेस नोट में कहा गया कि कुछ दिन पूर्व रामपुर विकास प्राधिकरण (RDA) ने विश्वविद्यालय की 40 में से 38 इमारतों को बिना स्वीकृत नक्शे के निर्माण का हवाला देते हुए ध्वस्तीकरण का आदेश जारी किया है। साथ ही विश्वविद्यालय प्रबंधन को निर्धारित समयसीमा के भीतर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

प्रेस नोट में नौशाद अंसारी ने कहा कि जौहर विश्वविद्यालय केवल एक शिक्षण संस्थान नहीं, बल्कि हजारों विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़ा संस्थान है। उन्होंने सरकार और प्रशासन से अपील की कि किसी भी कार्रवाई से पहले छात्रों के हित, शिक्षा की निरंतरता तथा न्यायिक प्रक्रिया का पूरा सम्मान किया जाए।

उन्होंने कहा कि यदि विश्वविद्यालय में किसी प्रकार की कानूनी या तकनीकी कमी पाई गई है, तो उसका समाधान कानून के दायरे में निकाला जाना चाहिए, ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो। साथ ही उन्होंने सभी पक्षों से संवैधानिक और शांतिपूर्ण तरीके से इस मामले का समाधान निकालने का आग्रह किया।

गौरतलब है कि रामपुर विकास प्राधिकरण की कार्रवाई के बाद यह मामला राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है। विभिन्न राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों ने भी इस मुद्दे पर अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएँ दी हैं, जबकि प्रशासन का कहना है कि कार्रवाई भवन निर्माण नियमों के उल्लंघन के आधार पर की जा रही है।

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