उरई। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद की जिला इकाई के पदाधिकारियों ने सोमवार को विकास भवन स्थित संगठन के कार्यालय में पत्रकार वार्ता आयोजित कर 10 फरवरी को धरना प्रदर्शन की लघु सिचाई विभाग के कनिष्ठ लिपिक लक्ष्मी नारायण गुप्ता द्वारा संगठन के हवाले से जारी सूचना का कड़ा प्रतिवाद किया है। पदाधिकारियों ने संगठन के मोनाग्राम और लैटर पैड का दुरुपयोग करने के लिए लक्ष्मी नारायण गुप्ता के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर जिलाधिकारी को ज्ञापन भी सौंप दिया है।
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद रामप्रसाद श्रीवास्वत, कार्यवाहक अध्यक्ष शीलकुमार दूरवार और मंत्री हरीश राठौर सहित कई प्रमुख पदाधिकारियों ने आज आयोजित पत्रकार वार्ता में बताया कि कार्मिक विभाग ने आधिकारिक रूप से इंजीनियर हरिकिशोर तिवारी की अध्यक्षता वाले संगठन को मान्यता दी है। इस संबंध में प्रमुख सचिव कार्मिक राजीव कुमार ने 18 सितंबर 2015 को आदेश जारी किया था। प्रदेश अध्यक्ष हरिकिशोर तिवारी की उपस्थिति में जालौन जिले की इकाई के द्विवार्षिक अधिवेशन और चुनाव का आयोजन रघुवीर धाम में गत् वर्ष 27 मई को किया गया था जिसमें जनपद के डीएम और एसपी भी मौजूद रहे थे। उक्त चुनाव में रामप्रसाद श्रीवास्तव अध्यक्ष, हरीश कुमार राठौर मंत्री और अन्य पदाधिकारी चुने गये थे। लेकिन लक्ष्मी नारायण गुप्त गुमराह करके खुद को राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद का कर्ताधर्ता साबित करते हुए संगठन के मोनोग्राम और फर्जी लैटर पैड छपवाकर कर्मचारियों का शासन के विरुद्ध 10 फरवरी को धरना प्रदर्शन करने का ऐलान कर रहा है। यह बात संज्ञान में आने पर प्रदेश अध्यक्ष इं. हरिकिशोर तिवारी ने संगठन की सभी जिला इकाईयों से इस तरह धोखाधड़ी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई के लिए सक्षम अधिकारियों को ज्ञापन देने हेतु निर्देशित किया है। इसके अनुपालन में यहां की जिला इकाई ने भी डीएम सहित पुलिस के उच्चाधिकारियों को ज्ञापन भेज दिये हैं। उन्होंने कर्मचारी साथियों से लक्ष्मीनारायण गुप्ता की कारगुजारी पर विश्वास करके भ्रमित न होने की अपील की है। पत्रकार वार्ता में वरिष्ठ उपाध्यक्ष वीएल पाराशर, जिला प्रवक्ता पुष्पेंद्र त्रिपाठी और वित्त मंत्री मानसिंह यादव भी उपस्थित थे।







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