0 चारों वर्ष लड़कियों के खाते में गया प्रखर बुद्धि पुरस्कार
08orai02 08orai03उरई। संगीत और विचारों की मिश्रित विधाओं के बीच 30 मेधावियों को प्रखर बुद्धि एवं बौद्धिक ज्ञान पुरस्कार से नवाजा गया। सभी होनहारों का हौसला बढ़ाकर उनसे भविष्य में पूरी क्षमताओं के साथ सामाजिक उत्थान में भूमिका अदा करने की अपेक्षा की गई।
गांधी महाविद्यालय के पूर्व हिंदी विभागाध्यक्ष डाॅ. दिनेश चंद्र द्विवेदी की स्मृति में आयोजित पुरस्कार समारोह को संबोधित करते हुए प्रमुख अतिथि जनता दल यू. के प्रदेशाध्यक्ष सुरेश निरंजन भइया जी ने कहा कि रामपुरा का एफएलजेएल शिक्षा निकेतन में बैठे सभी होनहार इस बात के गवाह है कि बीहड़ क्षेत्र में भी प्रतिभाएं हैं। उन्हें तो सिर्फ मौके की तलाश है। उन्होंने कहा कि यहां पहले दस्यु समस्या रही, इसे अब प्रगति के रूप में पहचान मिलना चाहिए। भाजपा सांसद भानुप्रताप वर्मा ने इस बात की आवश्यक्ता महसूस की कि इस क्षेत्र को सबसे पहले शिक्षा के क्षेत्र में आगे आने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि डाॅ. दिनेश चंद्र द्विवेदी ने साहित्य के क्षेत्र में बेहद उल्लेखनीय कार्य किये हैं। स्तंभकार केपी सिंह ने समझाया कि हमारे यहां की संस्कृति भौतिकतावादी उददेश्यों से दूर रहकर आत्मिक और समाजिक ज्ञान का संदेश दती रही है। वेद, पुराण और उपनिषदों जैसी दार्शनिक रचनाएं इसी वजह से सृजनात्मक रूप धारण कर सकीं। कहा कि युवा प्रतिभाओं को सिर्फ अनुकरण करने की इच्छा त्यागकर स्वयं नेतृत्व करने का गुण अपने भीतर पैदा करना चाहिए। कालपी काॅलेज की राजनीति विज्ञान विभागाध्यक्ष डाॅ. सुधा गुप्ता ने डाॅ. द्विवेदी के कृतित्व एवं व्यक्तित्व पर प्रकाश डालते हुए उन्हें साहित्य जगत का श्रेष्ठ रचनाकार माना। प्राचार्य डाॅ. राकेश द्विवेदी ने प्रतिभाओं को सदैव-सदैव कर्तव्यों के निकट रहने की सीख दी। पुरस्कार समिति के अध्यक्ष अरविंद चच्चू एडवोकेट और सचिव डाॅ. अंकुर शुक्ला ने कहा कि कोई भी क्षेत्र हो बिना कठिन प्रयासों के सफलता नही मिल सकती। उरई नगर पालिकाध्यक्ष प्रतिनिधि विजय चैधरी ने कहा कि समाज के विकृत रूप को संवारने के लिए बुद्धिजीवी वर्ग को नई भूमिका निभानी होगी। प्रसिद्ध गायक मिर्जा साबिर व डाॅ. शगुफ्ता मिर्जा ने भजनों और भावात्मक गीतों के माध्यम से वातावरण को संगीत की फुहारों से नहला दिया। नगद पुरस्कार एवं प्रशस्ति पत्र के साथ ताहिरा बानो, कपिल द्विवेदी, मीनू सेंगर, अनिमेष द्विवेदी को अतिथियों ने सम्मानित किया। इसके अतिरिक्त राज्यपाल के हाथों सम्मानित हुई कस्बा निवासी सोनम द्विवेदी को भी सम्मानित किया गया। वरिष्ठ छात्राओं पूजा वर्मा, नेहा, प्रिया, सुप्रिया, रोशनी, भारती ने मेधावियों का माल्यार्पण व पुष्पार्चन कर उनका स्वागत किया। इस अवसर पर प्रबंधक माता प्रसाद गेंडा, यादव महासभा के प्रदेश सचिव अनिल यादव, शशिकांत द्विवेदी, प्रकाश नारायण द्विवेदी, कुक्कू खजुरी, संजीव सिहारी, रमेश चंद्र पुरवार, प्रधानाचार्य एसएन मिश्रा, बलवान सिंह, रामसेवक गुप्ता, नमोनारायण चैहान, अरुण सेंगर उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन कर रहे डाॅ. कुमारेंद्र सिंह सेंगर ने कहा कि बीहड़ क्षेत्र की प्रतिभाओं को निखारने एवं सामाजिक जागरूकता के लिए भविष्य में सभी के सहयोग से कुछ और कार्य किये जायेंगे। महेश पांडेय ‘बजरंग’ व गजेंद्र चैहान ने प्रतियोगिता का क्षेत्र बढ़ाने का सुझाव रखा। प्रखर बुद्धि पुरस्कार के लिए खास बात ये रही कि लगातार चैथे वर्ष यह पुरस्कार किसी छात्रा के हक में ही गया और छात्र पिछड़ते गये।
इन मेधावियों को मिला पुरस्कार
प्रखर बुद्धि पुरस्कार-ताहिरा बानों
बौद्धिक ज्ञान पुरस्कार-कपिल द्विवेदी, मीनू सेंगर, अनिमेष द्विवेदी, विवेक तपा, जयवीर सिंह, रूपल चैहान, पारस नामदेव, स्वयंवर सिंह, गौरी सिंह, प्रिया सेंगर, पुष्पेंद्र सिंह, गोप सिंह, साजिद अली, आरिफ खां, आकांक्षा सिंह, सत्यम तिवारी, विनय प्रताप भदौरिया, प्रद्युम्न कुमार, प्रतीक्षा सिंह, अनिकेत गुप्ता, अमरदीप सिंह, आकांक्षा भदौरिया, सुरभि गुप्ता, चंदे्रश त्रिपाठी, अंशुल शर्मा, प्राची यादव, आर्यन गुप्ता एवं अमन तिवारी। विशेष उपलब्धि के लिए पवन द्विवेदी को भी सम्मानित किया गया।

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