उरई। आदर्श संस्कृत महाविद्यालय में बुधवार को बटुकों का उपनयन संस्कार कार्यक्रम वैदिक विधि-विधान के साथ सम्पन्न कराया गया। इस अवसर पर कई अनुष्ठान आचार्यों ने संपादित कराए। कार्यक्रम के दौरान पूरा वातावरण कर्मकांडमय रहा।
प्रातः सूर्योदय के पूर्व सर्वप्रथम बटुकों का क्षौरकर्म कराया गया। इसके बाद प्रातः साढ़े सात बजे सामूहिक बटुक भोज और आठ बजे से मंडप प्रवेश, गणपति पूजन, नवगृह, षोडश मातृका, सव्रतोभद्र इत्यादि पीठों का विद्वत आचार्यों के द्वारा वैदिक परंपरा के अनुसार पूजन संपन्न कराया गया। इस अवसर पर प्राचार्य डाॅ. जगप्रसाद चतुर्वेदी ने कहा कि बिना जनेऊ धारण किये किसी भी प्रकार का धार्मिक आचार निष्फल हो जाता है। उन्होंने इस बारे में उपनिषद के सूत्र का हवाला दिया।
महाविद्यालय के प्रबंधक विनोद चतुर्वेदी ने बटुकों और उनके परिजनों से व्यक्तिगत रूप से भेंटकर उनका उत्साहवर्धन किया। पं. देवकी नंदन बुधौलिया, शालिगराम शास्त्री, राधेश्याम पाठक, अवनीश चंद्र द्विवेदी, लक्ष्मीकांत रावत, रामबालक व्यास, श्याम नारायण द्विवेदी, देवेंद्र वेद, अनिल शुक्ल, मुकेश शर्मा, श्यामबाबू पांडेय, विनोद मिश्रा, लक्ष्मीनारायण चतुर्वेदी, राजवीर तिवारी, अंजनी कुमार चतुर्वेदी, प्रदीप कुमार द्विवेदी जालौन, अवध किशोर माधौगढ़, राजकुमार मिहौना, शान्तनु कुमार पांडेय, शिवकुमार तिवारी, दीप कुमार दीक्षित, राजेंद्र मिश्रा, श्याम मोहन शुक्ला, श्यामजी चतुर्वेदी, देवेंद्र कुमार पांडेय, राजकुमार, बृजमोहन तिवारी, उमेश चंद्र दौहलिया, काशी प्रसाद, पवन नायक डकोर आदि गणमान्य नागरिक और श्रीकृष्ण संस्कृत उच्चतर माध्यमिक विद्यालय इटौरा के गुरुजन व सभी बटुकगण भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे।







Leave a Reply