28orai01 28orai02उरई। शहीद चंद्रशेखर आजाद के बलिदान दिवस पर रविवार को माहिल तालाब पर स्वतंत्रता सग्राम सेनानी आश्रित कमेटी का सम्मेलन आयोजित किया गया। कमेटी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चैधरी रणवीर सिंह गुर्जर ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के योगदान को भुलाकर सरकार समाज के साथ गुनाह कर रही है। राष्ट्रीयता मजबूत करने के लिए स्वतंत्रता सग्राम सेनानियों के परिजनों को राष्ट्रीय नव निर्माण के अगुवा दस्ते में जगह देना जरूरी है।
चैधरी रणवीर सिंह गुर्जर ने कहा कि आजादी की लड़ाई लड़ने में हिन्दू-मुसलमान, दलित-पिछड़े, सवर्ण, सिक्ख-ईसाई सभी जाति धर्म के लोगों का योगदान रहा है। देश को आगे ले जाने में भी सभी वर्गों की एकजुटता ने महत्वपूर्ण भूमिका अदा की है। इसलिए स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को सबसे बड़ी श्रद्धांजलि इस एकता को बरकरार रखने के लिए काम करके ही दी जा सकती है। उन्होंने कहा कि देश में लोगों को आपस में लड़ाने के एजेंडे पर जाने-अनजाने चलने से उपनिवेश वादियों की साजिशें पोषित होंगी। इसलिए स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के आश्रित लोगों को इस दिशा में जागरूक बनाने के लिए फिर झंडा लेकर निकल पड़े हैं। आज का कार्यक्रम इसी उददेश्य के लिए समर्पित है।
इस अवसर पर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित कमेटी की प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व विधायक शशि शर्मा ने कहा कि कोई देश हथियारों और सैन्य बल से मजबूत नही होता। चाहे कोई समाज हो या देश उसमें असली मजबूती नैतिक शक्ति के विकास से आती है। स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों ने हमेशा नैतिक उसूलों को महत्व दिया है। उनके आश्रित इस क्रम को बनाये रखने के लिए दृढ़ प्रतिज्ञ हैं। अश्वनी कुमार पुरवार ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रितों को देश भक्ति की साक्षात मूर्ति बताते हुए उनके कल्याण की अपील सरकार से की। रेहान सिददीकी ने भी कहा कि जिस दिन इस देश में स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की विरासत को भुला दिया जायेगा उस दिन यह देश अपना अस्तित्व मिटा बैठेगा। रामराजा निरंजन ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के आश्रितों को सुविधायें दिलाने के लिए वे हर संघर्ष को तत्पर हैं। प्रेम कुमारी खरे ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों ने देश के लिए कुर्बानियां दी हैं और उनके परिजन भी पीढ़ी दर पीढ़ी इस भूमिका को निभाते रहेंगे।
कार्यक्रम के बाद सीओ सिटी ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित कमेटी की नगर फेरी को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। कमेटी के पदाधिकारियों ने तिरंगा हाथ में लेकर देश प्रेम के जोशीले नारे लगाते हुए कोतवाली के सामने पहुंचकर गांधी चबूतरे पर माल्यार्पण किया। इसके बाद फेरी अंबेडकर चैराहा से भ्रमण करती हुई कलेक्ट्रेट पहुंचकर विसर्जित हुई।

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