0 बसपा विधायक ने भी जताया विरोध
19orai04उरई। शनिवार को संचालन समिति की अध्यक्षता में जिला पंचायत की बैठक आयोजित हुई। बैठक में नये वित्तीय वर्ष में जिला पंचायत की आय बढ़ाने की रूपरेखा बताई गई। जिला पंचायत सदस्यों से कहा गया कि वे अपने में दस लाख से अधिक बजट वाले विकास कार्यों के प्रस्ताव दें, परंतु सदस्य इस नीति पर सहमत नहीं हुए। बसपा विधायक ने भी इसका विरोध किया। सदस्यों का कहना था कि क्षेत्र की जनता को बड़े और छोटे सभी तरह के विकास कार्यों की उनसे अपेक्षा है। इस वजह कार्यों का लेकर किसी तरह का पैमाना तय करना ठीक नहीं है।
विदित हो कि जिला पंचायत अध्यक्ष फरहा नाज के निधन के बाद जिला पंचायत में संचालन समिति का गठन किया गया है। संचलन समिति की संस्तुति पर विकास कार्यों के लिए बजट निर्गत होगा। शनिवार को जिला परिषद के सभागार में जिला पंचायत की बैठक हुई। इस वित्तीय वर्ष में शासन से प्राप्त होने वाले अनुदानों तथा राज्य वित्त आयोग के अंतर्गत व निजी श्रोतों से 33 करोड़ 85 लाख, 32 हजार का बजट प्राप्त होगा, जिसमें 25 करोड़,13 लाख, 65 हजार रुपये के व्यय का प्रावधान किया गया है। जिला पंचायत की आय बढ़ाने के लिए नये विकल्प तैयार करने पर जोर दिया गया। बैठक के दौरान सदस्यों से कहा गया कि वे अपने अपने क्षेत्र में दस लाख से अधिक बजट वाले विकास कार्यों के प्रस्ताव स्वीकृति के लिए संचालन समिति के समक्ष रखें। ज्यादातर सदस्यों ने इस पर सहमित नहीं जताई। उनका मानना था कि हर गांव में कोई न कोई कार्य होना चाहिए, भले ही उनकी लागत कम हो। यदि दस लाख की लागत वाले कार्य ही कराये तो तमाम गांव विकास कार्यों से वंचित रह जाएंगे। बसपा विधायक संतराम कुशवाहा ने भी इसका विरोध किया। जिला पंचायत की बैठक में नव निर्वाचित विधान परिषद सदस्य रमा निरंजन, सदर विधायक दयाशंकर वर्मा, संचालन समिति के सदस्य दीपराज गुर्जर, राधा अनुरागी के अलावा अर्चना गौतम, पूनम, नम्रता दीक्षित, पुष्पेंद्र सिंह, भानुमती, मुकेश कुमार, रवींद्र सिंह, अल्ताफ हुसैन, रामकुमार, बालक दास, अपर मुख्य विकास अधिकारी आरएस यादव आदि मौजूद रहे।

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