उरई। अलग-अलग स्थानों पर दो किशोरियों का अपहरण करके शोहदे गैर जिलों में ले गये और बंधक बनाकर कई दिनों तक उनके साथ दुष्कर्म किया। एक अन्य मामले में गांव का ही एक मनचला युवक घर में अकेली किशोरी को पाकर घुस आया और उसके साथ दुष्कर्म कर भाग निकला। महिला सुरक्षा के लिए पुलिस द्वारा लगातार कड़े इंतजामों का ढिढोरा पीटे जाने के बीच किशोरियों के साथ ताबड़तोड़ यौन हिंसा की घटनायें होने से जिले का आम जनमानस बुरी तरह उद्वेलित हैं।
गत् 15 मार्च को आटा थाने के इटौरा गांव में मामा के यहां आई किशोरी को मुहाना निवासी अनुज यादव पुत्र रामलोटन मार्शल जीप से जबरन उठा ले गया। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस उसकी लगातार तलाश कर रही थी लेकिन उसका कोई पता नही चला। इसी बीच गुरुवार को अनुज के आदमी उसे इटौरा के पास लाकर छोड़ गये। बाद में उसने पुलिस को बताया कि अनुज उसे अपने जीजा के यहां शाहजहांपुर ले गया था। जहां उसने उसके साथ कई बार मुंह काला किया। किशोरी का मेडिकल परीक्षण कराया जा रहा है।
उधर जालौन थाने के छिरिया गांव में 1 अप्रैल को सुबह 5.30 बजे मंदिर जा रही इंटर की छात्रा को बाइक पर सवार दो लोग जबरन उठा ले गये। बाद में उसे वे लोग इंदौर ले गये जहां उसके साथ लगातार दुष्कर्म किया गया। इसी बीच पुलिस ने मुख्य आरोपी राजकुमार के भाई उम्मेद सिंह को पकड़कर उस पर दबाव डाला। इसके कारण उम्मेद सिंह राजकुमार उसके साथी उदयभान के साथ किशोरी को भी वापस ले आया। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर किशोरी का मेडिकल के बाद अदालत के सामने बयान कराया है।
तीसरी घटना में जालौन कोतवाली के लहचूरा गांव में गांव का ही रज्जाक शाह अकेली किशोरी को देखकर घर में घुस गया। किशोरी के माता-पिता उस समय कटाई पर गये थे। उसने चाकू मांगने का बहाना किया और इसी बीच उसके घर के दरवाजे की कुंडी बंद कर दी और इसके बाद धमकाकर उसके साथ रेप कर डाला। किशोरी के माता-पिता को वापस लौटने पर जब घटना का पता चला तो आज वे अपनी लड़की को साथ लेकर कोतवाली पहुंचे। लेकिन ड्यूटी पर मौजूद दरोगा मनोज कुमार गुप्ता ने मनमाने ढंग से छेड़छाड़ भर का मुकदमा लिखा। बाद में किशोरी ने 164 के बयान में अपने साथ हुए वाकये की पूरी जानकारी दी। अब मुकदमा रेप की धाराओं में परिवर्तित किया जा रहा है।
पुलिस के दबाव की वजह से ही अपहृत किशोरियां वापस आ सकी हैं। किशोरियों के साथ यौन दुव्र्यवहार की घटनाओं को लेकर पुलिस बेहद सख्ती बरतेगी। इस तरह की घटनायें रोकने के लिए 1090 नं. के प्रचार के अलावा जागरूकता के अन्य अभियान भी पुलिस द्वारा चलाये जा रहे हैं।
-बबलू कुमार पुलिस अधीक्षक जालौन





Leave a comment